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फॉरेस्टर व गार्ड रिश्वत लेते गिरफ्तार

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - रोपड़
विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जिला फॉरेस्ट अधिकारी के कार्यालय में रेड करके एक ब्लॉक ऑफिसर ((फॉरेस्टर))एवं एक फॉरेस्ट गार्ड को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। विजिलेंस ने ब्लॉक ऑफिसर से आठ हजार रुपए बरामद किए हैं, जबकि दो हजार रुपए एक दिन पहले ही ले लिए थे। इन पर आरोप है कि इन्होंने ये रुपये खेत से मिट्टी भरत डालने के लिए उठाने की मंजूरी देने को लिए। मामले में शिकायतकर्ता यूथ अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शमशेर सिंह झक्खियां हैं। रोपड़ के ब्लॉक ऑफिसर गुरदास सिंह तथा फॉरेस्ट गार्ड दलजीत सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम 1988 की धारा 7, 13 ((1)) डी, 13 ((2)) के तहत एफआईआर विजिलेंस ब्यूरो लुधियाना में दर्ज की गई है। वीरवार दोपहर विजिलेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर पाल सिंह, इंस्पेक्टर बरजिंदर सिंह, इंस्पेक्टर भूपिंदर सिंह, एएसआई धर्मपाल की टीम ने जिला फॉरेस्ट अधिकारी के दफ्तर में छापेमारी की। विजिलेंस ब्यूरो रोपड़ के डीएसपी बलवीर सिंह राणा ने बताया कि छोटी झक्कियां के शमशेर सिंह ब्यूरो को शिकायत की थी। इसके बाद विजिलेंस ने ट्रैप लगाया और रेड की। रंगे हाथों ब्लॉक फॉरेस्ट ऑफिसर एवं फॉरेस्ट गार्ड को गिरफ्तार करके उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।




डीएसपी विजिलेंस बलवीर सिंह।

अपने मकान में भरत डालने के लिए अपने खेत से मिट्टी उठाने की लेनी थी मंजूरी : शमशेर

शिकायतकर्ता शमशेर सिंह ने भास्कर को बताया कि उन्होंने अपने खेत में से मिट्टी उठाकर अपने नए मकान में भरत डालनी थी। इसके लिए उन्होंने माइनिंग विभाग के पास मंजूरी के लिए आवेदन किया था। वहां से फॉरेस्ट विभाग के पास क्लीयरेंस के लिए उनका आवेदन आ गया, लेकिन यहां डीलिंग हैंड ब्लॉक ऑफिसर ने उनके केस को लटका किया। इस मामले में उन्होंने कई बार दफ्तर में चक्कर लगाए, लेकिन फिर भी उनका काम नहीं हो पाया। बाद में आरोपियों ने उससे अपनी फीस की डिमांड की तथा उनके साथ उनका दस हजार रुपए में सौदा तय हो गया। फिर उन्होंने विजिलेंस को इसकी जानकारी भी दे दी।



ब्लॉक अफसर तथा फॉरेस्ट गार्ड को रिश्वत लेने के बाद पकडऩे पर कार्रवाई करती हुई विजिलेंस की टीम।

आरोप : भरत के लिए खेत से मिट्टी उठाने के लिए मांगी थी रिश्वत

:विजिलेंस ब्यूरो ने दर्ज किया भ्रष्टाचार विरोधी अधिनियम के तहत केस