पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • इमरजेंसी सुविधा न मिलने पर लोगों ने जताया रोष

इमरजेंसी सुविधा न मिलने पर लोगों ने जताया रोष

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज - मोङ्क्षरडा
सरकारी अस्पताल मोरिंडा में पिछले लगभग लगभग 15 दिन से रात्रि की इमरजेंसी सुविधा बंद होने कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां रात्रि के समय पहुंचते गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है जो उनकी जान के लिए खतरा बन सकता है जबकि गत रात्रि यहां दाखिल एक महिला मरीज की मौत हो गई। उधर इस संबंध में शहर वासियों ने शिवसेना नेता दीपक दानिया की अगुआई में रोष जताते हुए नारेबाजी भी की।
इस संबंधी राजा पुत्र गुरमुख सिंह निवासी वार्ड नं. 10 ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी मां की मौत का कारण अस्पताल में डॉक्टर उपस्थित नहीं होना है। राजा ने कहा कि गत रात्रि वह अपनी मां प्रीतम कौर को सांस लेने में मुश्किल हुई तो वह उसे करीब 9.45 पर सरकारी अस्पताल ले गए। उस समय वहां पर कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं थे। वहां पर उपस्थित स्टाफ ने उसकी मां प्रीतम कौर का उपचार तो शुरू किया लेकन उपचार अधीन उसकी मां की मौत हो गई। राजा ने कहा कि अगर उस समय अस्पताल में डाक्टर उपस्थित रहते तो शायद उसकी मां की मौत न होती।
शहर वासियों ने किया रोष प्रदर्शन: उधर इस घटना को लेकर शहर वासियों ने दीपक दानिया की अगुआई में अस्पताल में रोष प्रदर्शन किया। दीपक दानिया ने कहा कि सिविल सर्जन रोपड़ को भी शहर वासियों ने अस्पताल में डाक्टर भेजने की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। दानिया ने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में यहां जरूरत अनुसार डाक्टर उपलब्ध न करवाए गए तो शिवसेना संघर्ष शुरू करेगी।
एंबुलेंस भी नहीं हुई उपलब्ध: उधर मृतक के पुत्र राजा ने आरोप लगाया कि जब उसकी मां प्रीतम कौर को मोरिंडा अस्पताल से खरड़ के लिए रेफर किया गया तो उस समय अस्पताल में एंबुलेंस नहीं थी। उन्होंने एम्बुलेंस के लिए फोन किया तो एंबुलेंस काफी देरी से पहुंची और इसके आने तक उसकी मां की मौत हो गई।