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पर्यावरण का संदेश देने कोलकाता से आए राम

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - चंडीगढ़
पर्यावरण को बचाने का संदेश देने के लिए भारतीय किस हद तक जा सकते हैं, इसकी मिसाल तब देखने को मिली, जब कोलकाता से साइकिल चलाते हुए राम प्रसाद शनिवार को चंडीगढ़ पहुंचे। अपने 13 हजार किमी. के सफर को राम प्रसाद ने भास्कर से साझा किया।
पर्यावरण को सौंप दिया जीवन: 36 वर्षीय गवर्नमेंट टीचर राम प्रसाद ने कहा कि उनके जीवन का सिर्फ एक ही लक्ष्य है पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना। राम प्रसाद ने कहा कि आज के समय में लोग पानी को इस्तेमाल करने से ज्यादा बर्बाद कर रहे हैं। पेड़ कट रहे हैं और ग्लेशियर पिघल रहे हैं, जबकि इसके मुकाबले पौधारोपण बहुत कम हो रहा है। सरकारी आंकड़ों में जो पौधारोपण है, वह असलियत में उतना नहीं है। इन सभी मुद्दों पर मैंने अपने शहर कोलकाता में तो लोगों को जागरूक किया, लेकिन फिर मुझे लगा कि देशभर में इसके लिए जागरूक होना जरूरी है। इसीलिए मैंने साइकिल पर देश के कई राज्यों को घूमने का फैसला किया। 18 दिसंबर 2013 को मैंने यह अभियान कोलकाता से साइकिल पर शुरू किया था और 14 जून 2014 को यह अभियान त्रिपुरा में खत्म होगा।
रोज 100 से 150 किलोमीटर: राम प्रसाद ने कहा कि रोज वे 100 से 150 किलोमीटर तक साइकिल चला रहे हैं। अभी तक वह ओडिसा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरला, पुडुचेरी, तमिल नाडू, गोवा, गुजरात, भोपाल, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के शिमला से होते हुए चंडीगढ़ आए हैं। इसके बाद राम प्रसाद उत्तराखंड, यूपी, बिहार, सिक्किम, असाम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा जाएंगे। अभी तक राम प्रसाद 11 हजार 200 किलोमीटर का सफर साइकिल पर कर चुके हैं।