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सिर्फ मास्टर प्लान में ही वीआईपी रोड 66 फुट चौड़ा

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज -!- जीरकपुर
वीआईपी रोड पर एक बोर्ड लगा है। बोर्ड पर लिखा है-यह सड़क जीरकपुर म्युनिसिपल काउंसिल के मास्टर प्लान अनुसार ६६ फुट ०८ इंच चौड़ी है। इस सड़क के साथ कोई भी निर्माण करने के लिए सड़क की चौड़ाई और नियमों अनुसार जितनी जरूरत है उतनी जगह पार्किंग के लिए छोड़कर ही निर्माण किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद जीरकपुर शहर को मास्टर प्लान के मुताबिक विकसित करने की बातें सिर्फ कागजों में हो रही हैं। ऐसा इस रोड के आसपास रहने वाले लोग कह रहे हैं।
यहां रहने वाले हरीश सेंगर का कहना है कि मेरा परिवार वीआईपी रोड पर बने एक अपार्टमेंट में रह रहा है। इस सड़क की चौड़ाई को लेकर हम चिंता में है। चिंता इसलिए कि इसकी चौड़ाई मास्टर प्लान में 66 फुट 8 इंच रखी गई है और असल में यह चौड़ाई कई जगह सिमट कर 30 फुट ही रह जाती है। इतना बड़ा फर्क दूर करने के लिए जीरकपुर एमसी की ओर से एक बार भी कार्रवाई नहीं की गई। यहां एक सूचना के लिए एक खानापूर्ति काम जरूर किया गया है। सड़क किनारे एक पेड़ के पीछे बोर्ड लगाया गया है कि इस सड़क की 66 फुट की चौड़ाई को ध्यान में रखकर ही यहां निर्माण किए जाएं। इस बोर्ड को लगाने के बाद यह चेक कभी नहीं किया गया कि सड़क की चौड़ाई को कहां कौन किस तरह से नुकसान पहुंचा रहा है।
जीरकपुर शहर की सबसे बड़ी मार्केट बन रही वीआईपी रोड पर : चंडीगढ़-अंबाला रोड से जीरकपुर पटियाला रोड पर क्रॉस करने वाली इस वीआईपी रोड की लंबाई करीब दो किलोमीटर है। इसकी दोनों ओर अंधाधुंध हाउसिंग प्रोजेक्ट्स बन रहे हैं करीब 10 हजार से ज्यादा फ्लैट यहां बन चुके हैं। इसी तरह यहां बड़ी शॉपिंग मार्केट भी डेवलप हो रही है। कई दुकानें खुल भी चुकी हैं। एक बड़ा शॉपिंग मॉल भी यहां आ रहा है। प्लांड मार्केट होने के कारण शहर के लोगों को यहां जाना अच्छा लगता है। जिस तरह से यहां अर्बनाइजेशन हो रहा है उसके मुताबिक सड़क तंग पडऩे लगी है। अभी अधिकतर मल्टी स्टोरीज हाउसिंग प्रोजेक्ट में नए परिवार आने वाले हैं। एक या दो साल में यहां करीब 5 हजार परिवार आने की संभावना है। तक यहां के हालात क्या होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है।
मास्टर प्लान में तो सड़क की चौड़ाई 66 फुट और 8 इंच है और असल में 28 से 30 फुट की ही चौड़ी सड़क बनाई गई है। यहां ऑरबिट अपार्टमेंट के पास तो सड़क केवल 24 फुट रह जाती है। यहां सड़क के मास्टर प्लान के साथ कई जगहों पर छेड़छाड़ की गई है।
आने वाले समय में यहां जाम ही लगेगा: इस सड़क को मास्टर प्लान के मुताबिक 66.8 फुट चौड़ा नहीं किया गया तो यहां पर जाम लगना पक्का ही है। मीनाक्षी गुप्ता ने कहा कि इस रोड के दोनों ओर कई हाउसिंग प्रोजेक्ट बने है। माया गार्डन, स्प्रिंगल, सावित्री एन्क्लेव, साउथ सिटी सहित दो दर्जन के करीब अपार्टमेंट बने है। आने वाले समय में यहां पर घर लेने वालों के लिए तो मुसीबत हो जाएगी। दुकानों और सोसायटीज में आने वाले लोग कहां से गुजरेंगे इसलिए इस सड़क को मास्टर प्लान के मुताबिक बनाया जाए।
यह मास्टर प्लान के साथ खिलवाड़ है:वीआईपी रोड की चौड़ाई देखकर यह नहीं लगता की इसको बनाते हुए एमसी ने मास्टर प्लान के हिसाब से काम किया है। जबकि यह लगता है कि कुछ बिल्डर्स को मदद करने के मकसद से इसकी चौड़ाई में बिना किसी को सूचित किए एमसी कर्मचारियों ने काम किया है। इसके साथ बिल्डर्स को फायदा पहुंचाया है। इसकी जांच होना बेहद जरुरी है। क्योंकि मास्टर प्लान से छेड़छाड़ करना नियमों को ताक पर रखना है। इसमें सरासर नगर
परिषद कर्मचारी और टॉउन प्लानर जिम्मेदार हैं।