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ऑटो ड्राइवर कर रहे ओवरलोडिंग, नहीं पुलिस का डर
भास्कर न्यूज - जीरकपुर
शहर में लगातार ट्रैफिक पुलिस के ऑटो में ओवरलोडिंग पर चालान काटने के बाद भी ऑटो ड्राइवर्स की मनमानी जारी है। चंद रुपए के लालच के कारण ऑटो ड्राइवर्स यात्रियों की जान खतरे में डालते हैं। जीरकपुर में करीब ४८० ऑटो चालक हैं। इसमें ७० प्रतिशत ऑटो चालक बनूड, राजपुरा और साथ लगते एरिया के हैं। लोकल ऑटो ड्राइवर केवल ३० फीसदी हैं। इनके पास कोई भी ऑटो स्टैंड न होने के कारण सड़क के किनारे ही ऑटो चालक अपने ऑटो खडे रखते हैं। एक ऑटो में ८ से १० लोगो को बैठाकर ऑटो चालक ऑटो चला रहे हैं।
ऑटो चालक को न ट्रैफिक पुलिस का डर है और न यात्रियों की जान की परवाह। रोजाना १० से १२ सवारियां बैठाकर डेराबस्सी ले जाते हैं। अंबाला हाईवे पर अक्सर इसकी कारण एक्सीडेंट होते हैं।
बलटाना मेन रोड काफी चुस्त बनाई गई है। लोग इस रोड को चौड़ा करने की लगातार मांग कर रहे हैं। उसके बाद यहां पर ऑटो चालक स्कूल की छुट्टी के समय ६० किलोमीटर की रफ्तारसे ऑटो चलाते हैं। जो की बेहद खतरनाक है।
जनवरी में ८८ चालान
जनवरी महीने में ट्रैफिक पुलिस ने कुल ८८ चालान काटे हैं। जिसमें से ८० प्रतिशत ओवर लोडिंग के हैं। इसके इलावा ६ ऑटो दस्तावेज नहीं होने के कारण जब्त किए गए हैं। ऑटो ड्राइवर्स के अनुसार कम सवारियां मिलने के कारण गुजारा होना मुश्किल हो जाता है।
॥हमारी दुकान बलटाना में है। ये रोड दिन रात चलती रहती है। वहां से एक भी ऑटो खाली नहीं जाता है। सभी में ८ से ९ लोग बैठे होते हैं। कई बार साइकल सवार उनकी कटिंग की वजह से नीचे गिर जाते हैं। फिर भी उन्हें डर नहीं लगता।
- सौरभ अग्रवाल
॥ हम तो सालों से ऑटो चालकों का यही मनमानी देख रहे हैं। राजपुरे में हादसा होने के बाद भी ऑटो चालक नही मान रहें हैं।
- जेतेन गोयल
॥ऑटो चालक एक तो ओवरलोड ऑटो चलाते हैं। दूसरा वो हमेशा ही बिना आगे पीछे देखे ऑटो मोड देते हैं। बुधवार को १० साल का लड़का ऑटो के नीचे आने से बच गया। उनके इस तरह ऑटो चलाने से हर कोई परेशान है।
- गुरदीप सिंह , भबात
॥ओवरलोड़ ऑटो चलाना एक प्रकार का जूर्म है। जिसे रोज ही ऑटो चालक करते हैं। यह स्कूल जाते बच्चों के लिए घातक है। कई ऑटो चालकों की वजह से रिक्शे पलट जाते हैं।
- राहुल शर्मा