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मोहन फाइबर फैक्ट्री में आग से करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान

7 वर्ष पहले
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डेराबस्सीरामगढ़रोड पर मुबारिकपुर स्थित मोहन फाइबर फैक्ट्री में लगी भीषण आग में लाखों रूपए का तैयार माल जलकर स्वाहा हो गया जबकि गोदाम ईमारत को भी नुक्सान पहुंचा। आग की लपटों पर काबू पाने में करीब 12 फायर िब्रगेड की गाड़ियों को पांच घंटे का समय लगा, जबकि रह रहकर सुलग रही आग पर 16 घंटे बाद काबू पाया गया। आग का कारण प्रारंभिक तौर पर बिजली तारों में शार्ट सर्किट माना जा रहा है। मौका का एसडीएम संजीव बांसल डेराबस्सी थाना प्रभारी गुरजीत सिंह ने दौरा किया।

दशकों पुरानी मोहन फाइबर फैक्ट्री में अंडो सेब की पैकिंग वाली पेपर पल्प मोल्डेड यानी कागजी ट्रे तैयार की जाती है। कंपनी का सालाना कारोबार 60 करोड़ रुपए से भी अधिक है। तैयार माल के रुप में उक्त डिस्पोजल ट्रे जहां रखी थीं, आग उसी गोदाम में करीब पौने दस बजे लगी। आग ने जल्द ही एक हजार वर्ग मीटर में फैला दस मीटर यानी ढ़ाई मंजिला तक ऊंचे इस गोदाम में रखे तमाम उत्पाद को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलने पर डेराबस्सी से तीन, पंचकूला से दो, मोहाली, चंडीगढ़, राजपुरा, गोविंदगढ़ दप्पर से भी दमकल गाडिय़ां मौके पर पहुंची। डेराबस्सी फायर अफसर मनजीत सिंह के अनुसार फैक्ट्री में पर्याप्त मात्रा में हाइड्रैंट्स वाटर स्टोरेज टैंकों सहित आग रोधक इंतजाम थे जिसके चलते किसी भी दमकल गाड़ी को पानी के लिए फैक्ट्री से बाहर नहीं जाना पड़ा। इसी कारण आग गोदाम से बाहर प्रोडक्शन हाल, प्रशासकीय ईमारत, स्टोर सब थैरमिक सेक्शन तक नहीं फैल सकी।

फैक्ट्री के जीएम वीआर गुलाटी के अनुसार गोदाम तैयार माल से पूरी तरह फुल था। आग गोदाम तक सीमित रखे जाने से मशीनरी, रिकार्ड अन्य सामान को जरा भी नुक्सान नहीं पहुंचा। उन्होंने नुक्सान का आकलन हो रहा है परंतु डैमेज ईमारत को मिलाकर यह एक से दो करोड़ रुपए के बीच होने की संभावना है। एक साल पहले भी इस कंपनी के सब थैरमिक सेक्शन में आग लगी थी परंतु तब नुक्सान छिटपुट था। उन्होंने कहा कि आग कारण मानवीय गलती से अधिक बिजली तारों मेें शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बहरहाल, जांच जारी है।

मुबारिकपुर में मोहन फाइबर फैक्ट्री में आग बुझाने के बाद ऐसा हाल हुआ था।