- Hindi News
- टिकट वितरण से पहले ही कांग्रेसी नेताओं की कलह आई सामने
टिकट वितरण से पहले ही कांग्रेसी नेताओं की कलह आई सामने
पिंजौर में हुए डिबेट कार्यक्रम में कांग्रेस के तीन गुटों के वर्कर्स ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में की नारेबाजी।
भास्कर न्यूज | पिंजौर
हरियाणाकाहर विधानसभा चुनाव अपने पिछले चुनाव से हटकर उत्साहजनक होता है। इस बार भी विधानसभा चुनाव को लेकर लोगों में बहुत ज्यादा उत्साह है। जैसे जैसे चुनाव की तारीख नजदीक रही है, लोगों का उत्साह और भी ज्यादा बढ़ रहा है, परंतु इन दिनों तो लोग कांग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों के नाम सुनने के लिए बहुत ज्यादा उत्साहित हैं, क्योंकि इन दोनों दलों के प्रत्याशियों के सामने आने से ही लोग हलके में विजेता प्रत्याशी के समीकरण बनाने में जुट जाएंगे। इन दोनों दलों की हाईकमान चाहे अभी कालका से अपने अपने प्रत्याशियों के नाम की सूची जारी नहीं कर रही, परंतु टिकट वितरण से पहले ही क्षेत्र में कांग्रेस के बीच आपसी कलह और गुटबाजी जरूर सामने गई।
बुधवार देर शाम एक नीजि चैनल द्वारा पिंजौर के व्हाइट हाउस में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीिक दलों के स्थानीय नेताओं के बीच डिबेट कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें इनेलो की ओर से विधायक प्रदीप चौधरी, कांग्रेस से सुदेश शर्मा, हजकां से बलवान ठाकुर, भाजपा की ओर से पूर्व प्रत्याशी विरेंद्र राणा और स्थानीय विकास के मुद्दों पर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर एसएस नंदा को स्टेज पर बिठाया गया। जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ तो सबसे पहले कुछ कांग्रेसियो ने ही स्टेज पर नंदा को बिठाने पर सवाल उठा दिए। कार्यक्रम में सुदेश शर्मा को कांग्रेस की ओर से बिठाने पर पूर्व विधायक सतविंदर राणा के समर्थकों ने भारी एतराज जताया। उसके बाद इनेलो और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार हगांमा शुरू हो गया और नौबत हाथापाई तक पहुंचने पर पुलिस ने बीच में आकर दोनों गुटों को शांत करवाया। उसके बाद विधायक प्रदीप चौधरी ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुप करवाया। उधर सुदेश शर्मा ने स्टेज से उतरकर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शांत किया। इतना ही नहीं, मौके पर कांग्रेस की कलह उस समय उजागर हुई, जब कांग्रेस के तीन गुटों ने अपने अपने स्थानीय नेताओं के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। ऐसा लगा कि सभी समर्थक अपने अपने नेताओ के समर्थन में जोरदार नारे लगाकर अपने नेता का प्रचार टीवी चैनल में लाकर उसकी लोकप्रियता साबित कर रहे थे। अगर इनमें आपसी कलह होती तो वे कांग्रे