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पिंजौर अर्बन में लड़कियों के लिए होगा अलग स्कूल

6 वर्ष पहले
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पिंजौरक्षेत्र वासियों की क्षेत्र में लड़कियों के लिए अलग से स्कूल बनाने की मांग काफी अरसे से चली रही है। कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन किसी ने भी इस पर कोई सुनवाई नहीं की। 1995 में क्षेत्र वासियों की मांग पर पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजन लाल ने पिंजौर क्षेत्र में लड़कियों के लिए अलग स्कूल बनवाने की घोषणा की थी, परन्तु उसके बाद यह घोषणा ठंडे बस्ते में चली गई। किसी ने भी इस पर आगे कोई काम नहीं किया। पिंजौर में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय है, जहां करीब 70 प्रतिशत लड़कियां पढ़ती हैं। बाकी लड़के हैं, परन्तु जिस जगह स्कूल है वहां पहुंचने में लड़कियों को भारी परेशानी होती है। स्कूल के प्रवेश से पहले तंग छोटी सी गली है। उसमें सुबह स्कूल के समय और दोपहर छुट्टी के समय आवारा लड़के जगह जगह खड़े देखे जा सकते हैं, जिनसे लड़कियों को परेशानी पउठानी पड़ती है। लड़कियों के घरवालों ने इन परेशानियों के चलते ही लम्बे समय से लड़कियों के लिए अलग स्कूल की मांग उठा रखी है। लंबे अरसे से ठंडे बस्ते में पड़ी इस मांग को अब पूरा करने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। शहर में लड़कियों के लिए अलग स्कूल बनाने के प्रयास पिंजौर में हुडा के अर्बन क्षेत्र में किए जा रहे हैं, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने हुडा विभाग से सेक्टरो में जमीन की मांग भी कर दी है।

विधायकके प्रयास से शुरू हुई कार्रवाई: पिछलेमहीने कालका विधायक लतिका शर्मा पिंजौर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किसी कार्यक्रम में बतौर मुख्यअतिथि गई थीं, वहां पर स्कूल के प्रिंसिपल डाॅक्टर अनूप सिंह ने विधायक से लड़कियों के लिए अलग स्कूल की मांग उठाई थी, जिस पर विधायक शर्मा ने मौके पर मौजूद वार्ड 5 के पार्षद कृष्ण लांबा को इसके लिए पत्र लिखकर शिक्षा विभाग की डीओ को देने के लिए कहा। जानकारी के अनुसार हुडा के सेक्टरो में जमीन के पैसे और इमारत के पैसे देने की कार्रवाई डीओ कार्यालय से एजुकेशन सचिव को दे दी गई है। अब पूरा मामला हुडा एडमिनिस्ट्रेटर के पास है। अब नियमों के मुताबिक हुडा विभाग सेक्टरो में कितनी जगह पार्कों, अस्पताल स्कूलों के लिए छोड़ता है, उसी के मुताबिक ही लड़कियों के लिए अलग स्कूल बनेगा। उधर, कालका विधायक लतिका शर्मा ने बताया कि वो इस मामले में पूरी तरह से गंभीर है और इस पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले से वो इस मांग के बारे में जानती हैं और उन्होंने उसी समय सोच रखा था कि क्षेत्र में लड़कियों के लिए अलग स्कूल बनवाना है। अब तो इस पर उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सेक्टरों में लड़कियो के लिए जो स्कूल की जगह चाहिए, वो कम से कम 2 एकड़ से ज्यादा चाहिए, जिसमें मल्टीस्टोरी हो, उसमें करीब 30 कमरे, जिसमें बेसिक सुविधाओं समेत लैब भी हो। अाधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अलग स्कूल की कार्रवाई में पत्राचार शुरू हो चुका है, जिसमें कार्रवाई करीब 50 प्रतिशत सिरे चढ़ चुकी है।