- Hindi News
- एमबीबीएस दाखिला: ओबीसी के लिए रिजर्व सीटें जनरल को देने पर रोष
एमबीबीएस दाखिला: ओबीसी के लिए रिजर्व सीटें जनरल को देने पर रोष
डाॅअंबेदकर भलाई मंच खरड़ की एक विशेष बैठक मंच के प्रधान कृपाल सिंह की अध्यक्षता में हुई जिसमें दलित वर्ग से सबंधित कई संगठनों के अलावा एमबीबीएस में दाखिले से वंचित अनुसूचित जाति के बच्चों तथा उनके अविभावकों ने भाग लिया। बैठक में यह बात सामने आई कि 84 एमबीबीएस अनुसूचित जाति वर्ग की सींटें एक सोची समझी साजिश के तहत पंजाब सरकार ने जनरल वर्ग को अलाट कर दी है जिस कारण अनुसचित जाति के बच्चों तथ उनके अविभावकों में भारी रोष पाया जा रहा है। बैठक में इस बात पर भी रोष प्रकट किया गया कि पंजाब सरकार ने यह सीटें जनरल वर्ग को देने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित कमीशन,पंजाब राज्य अनुसूचित कमीशन या भलाई विभाग से कोई मंजूरी नही ली। बैठक को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों को प्रवक्ताओं ने कहा कि पंजाब सरकार में बैठे कुछ दलित विरोधी तत्व अनुसचित जाति की 84 सीटों के अलावा जो बच्चे जनरल मेरिट में आए हैं, उन्हें भी अनुसूचित जाति वर्ग में गिन रहे हैं जिस कारण यह गिनती 84 नहीं बल्कि इससे भी काफी ज्यादा है। प्रवक्ताओं ने कहा कि पंजाब सरकार का कहना है कि यह 84 सीटें जनरल वर्ग को इस लिए दी गई हैं क्योंकि अनुसूचित जाति वर्ग के बच्चे 40 प्रतिशत नंबर आॅल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट में नही ले सके है। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने बीडीएस की सीटें भरने के लिए प्राईवेट कालेजों के दबाब में आकर दोबारा टेस्ट लिया है जबकि उस समय यह टेस्ट एमबीबीएस की सीटें भरने के लिए लिया जा सकता था।
प्रवक्ताओं ने कहा कि यह एक बड़ी गहरी साजिश का परिणाम है क्योंकि पहले एमबीबीएस तथा बीडीएस आदि की सींटें भरने के लिए एक ही पीएमईटी टैस्ट बाबा फरीद यूनिवर्सिटी द्वारा लिया जाता था और उसकी मैरिट के आधार पर दाखिले दिए जाते थे। इस अवसर पर प्रवक्ताओं ने मांग की कि रिजर्वेशन पालिसी के अनुसार अनुसचित जाति वर्ग की रिजर्व सींटे केवल अनुसचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को ही दी सकती है चाहे इसके लिए अंक प्रतिशत ही कम करना पड़े। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के समय में सरकार ने अंक कम करके सीटों को भरा था। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में केस दायर करने के अलावा राजनीतिक तौर पर भी इस मामले को लेकर सरकार पर दबाब बनाया जाए कि एमबीबीएस में दाखिले के लिए एससी वर्ग के लिए रिजर्व सीटें संविधान र