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ट्रैफिक रूल्स सिर्फ आम आदमी के लिए, अफसरों के लिए इनके कोई मायने नहीं

6 वर्ष पहले
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रेड लाइट, सभी वाहन चालक हरी बत्ती होने का इंतजार कर रहे। तभी हूटर मारती हुई पुलिस जिप्सी आई। ट्रैफिक बीट बाॅक्स में बैठे ट्रैफिककर्मियों ने जैसे ही हूटर की आवाज सुनी तो दौड़ कर सड़क पर आए। देखा कि एक पीली बत्ती लगी सफेद रंग की वीआईपी नंबर गाड़ी। जिसके आगे पायलेट लगी हुई थी। ट्रैफिककर्मियों ने सैल्यूट मारते हुए दूसरी तरफ से वाहनों को रुकने का इशारा किया और राॅन्ग साइड से ही उसी गाड़ी को निकलवा दिया गया। तो उस पायलेट गाड़ी कुछ पलों के रुकी ताकि हरी लाइट होने पर चले और ही वह वीआईपी गाड़ी।

^चाहे जितना मर्जी रश हो जब किसी वीआईपी के साथ पायलेट चलती है तो हमारी ड़्यूटी है कि उसको सबसे पहले वहां से निकाला जाए। हमने ऐसा ही किया। इसमें कुछ गलत नहीं है। यह ट्रैफिक रुल्स के अंडर आता है अौर हमें पता है। -राजिदंरसिंह, ट्रैफिक इंचार्ज कुराली

{क्या पायलेट लगी गाड़ी ट्रैफिक रूल्स तोड़ स़कती है?

ट्रैफिकरूल्स को कोई वीवीआईपी भी नहीं तोड़ सकता।

{ट्रैफिककर्मियों ने पायलेट पीछे रही वीआईपी गाड़ी को रॉन्ग रसाइड से निकलवाया?

यहकैसे हो सकता है, राॅन्ग साइड से मात्र फायर ब्रिगेड एंबुलेंस ही गुजर सकती है वो भी एमरजेंसी में।

{क्याकुराली ट्रैफिककर्मियों को नियम नहीं पताω

जबसब वाहन चालक हरी लाइट का इंतजार कर रहे थे तो पायलेट वीआईपी गाड़ी को भी रुकना चाहिए था।

वीआईपी की गाड़ी पर सफेद रंग के पर्दे भी लगे हुए थे।