पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 308 डेयरियां को शहर से बाहर शिफ्ट करने का नगर निगम ने बनाया प्लान

308 डेयरियां को शहर से बाहर शिफ्ट करने का नगर निगम ने बनाया प्लान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
लीज पर होगी अलॉटमेंट

बठिंडा का मॉडल मोहाली में

बहलोलपुर में जमीन

चारों ओर कोठियां बीच में हैं डेयरियां

डीसी से मांगी जमीन

मनोज जोशी | मोहाली Manoj.joshi1@dbcorp.in

डिप्टीसीएमके ड्रीम सिटी मोहाली को लेकर बड़े दावे सरकार कर रही है और डिप्टी सीएम भी शहर की व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यक्तिगत तौर पर दिलचस्पी ले रहें हैं। उसके बावजूद भी शहर अवैध डेयरियों से मुक्त नही हो सका है। शहर को डेवलप करने संुदर बनाने का जिम्मा तीन संस्थाओं गमाडा, जिला प्रशासन और नगर निगम का है। करीब 30 साल से बसे मोहाली शहर को डेवलप करने का काम पहले पूडा और अब गमाडा कर रहा है। इन संस्थानों ने अपनी प्लानिंग में कहीं भी शहर में मौजूद डेयरियों के लिए कोई योजना तैयार नहीं की, लेकिन शहर बस चुका है अब गमाडा की इस गलती को दुरूस्त करने के लिए निगम ने प्रयास शुरू किया है ताकि शहर की डेयरियों काे बाहर किया जा सके। निगम ने जिला प्रशासन से 25 एकड़ जमीन शहर से बाहर डेयरी सिटी बनाने के लिए मांगी है ताकि शहर को डेयरी मुक्त किया जा सके।

308अवैध डेयरियां: निगमकी ओर से शहर के आधुनिक स्वरूप डेवलप करने के लिए यहां मौजूद डेयरियों को सर्वे करवाया गया। जिसके तहत यह बात सामने आई कि शहर के सेक्टरों फेजों के बीच जो गांव मौजूद हैं उनमें करीब 308 डेयरियां चल रही हैं। इन डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए 25 एकड़ जमीन की जरूरत पड़ेगी। इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से अध्यन किया गया है।

प्रशासन जो 25 एकड़ जमीन निगम को देगा उसमें डेयरी सिटी बनाई जाएगी। यहां छोटे बड़ी डेयरी मालिको ंके लिए प्लॉट काटे जाएंगे जो लीज पर दिए जाएंगे। जमीन प्रशासन की रहेगी। प्लॉट पाने वाले हर साल निगम को लीज की निर्धारित फीस देंगे। यह भी विचार किया जा रहा है कि यह प्लॉट प्रति वर्ष किराए पर दिए जा सकते हैं।

नगर निगम के कमिश्नर उमा शंकर गुप्ता ने बताया कि आवरा पशुओं की समस्या को हल करने के लिए सबसे पहले डेयरियों से शहर को मुक्त करवाना है। उन्होंने बताया कि बठिंडा इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से शहर के बाहर डेयरियों के लिए यार्ड बनाए गए थे। उसी तर्ज पर माेहाली प्रशासन से जमीन मांगी गई है। उन्होंने कहा कि डेयरी मालिकों को अलग-अलग यार्ड बनाकर दिए जाएंगे।

गांव जिला प्रशासन की ओर से डेयरियों को स्थापित करने के लिए 25 एकड़ जो जमीन मांगी है वह गांव बहलो