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- जज ने लंगाह से कहा जो फाइन जमा करवाना है, वह ब्लैक मनी नहीं, व्हाइट मनी ही होनी चाहिए’
जज ने लंगाह से कहा- जो फाइन जमा करवाना है, वह ब्लैक मनी नहीं, व्हाइट मनी ही होनी चाहिए’
आयसेअधिक संपत्ति के मामले में फंसे पंजाब के पूर्व कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह को जैसे ही कोर्ट ने दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई तो उनके होश उड़ गए। लंगाह उनके साथी अमरीक सिंह मोहाली ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि क्या हो गया।
कोर्ट ने फैसला सुनाया कि लंगाह इसी समय जज के सामने 1 करोड़ 10 लाख रुपए और अमरीक 1 लाख 10 हजार जमा करवाएं। इसके बाद लंगाह अपने वकील के साथ पैसों के इंतजाम के लिए बात करने लगे। तभी जज ने लंगाह को भरी अदालत में कहा ‘जो फाइन जमा करवाना है, वह ब्लैक मनी नहीं, व्हाइट मनी होनी चाहिए’। सूत्रों के मुताबिक मोहाली के ही एक नामी बिल्डर ने अपनी व्हाइट मनी से लंगाह की मदद की। कोर्ट में एक करोड़ की रकम पहंुची तो फेज-7 के स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से दो नोट काउंटिंग मशीने आई और करीब पौणे घंटे तक कोर्ट रूम में पैसों की काउंंटिंग हुई।
जबतक पैसे नहीं जमा होंगे, बाहर नहीं जाओगे: कोर्ट
कोर्टने फैसला सुनाया कि लंगाह पैसे जमा करने के बाद बाहर जा सकते हैं। इसके बाद समर्थकों में हल्ला मच गया। समझ नहीं रहा था कि इतनी जल्दी एक करोड़ 10 हजार रुपए कहां से आएंगे। इसके बाद समर्थक इधर-उधर फोन करने लगे। लेकिन लंगाह ने एक समर्थक के कान में कुछ कहा। लंगाह अमरीक को सुबह 11 बजे सजा सुनाई थी। तीन घंटे के बाद समर्थक नोट लेकर कोर्ट पहुंच गए।
5 घंटे तक यानि कि शाम करीब 4 बजे जब तक एक करोड़ रुपए की काउंटिंग नहीं हो गई, तब तक लंगाह को बाहर नहीं जाने दिया। वहीं इस केस में फंसे लंगाह के अन्य 9 साथियों जिसमें सुदर्शन लाल, प्रदीप भटेजा, विनोद कुमार, जसवीर सिंह, विक्रमजीत सिंह, सुभाष चंदर, संपूर्ण सिंह, सुभाष चंदर, शेर सिंह उर्फ शेरा को बरी कर दिया गया। वहीं, लंगाह के समर्थकों ने पुलिस की एक चलने दी और फोर्स को भी खदेड़ दिया। इसी पुलिसकर्मी भी बेबस नजर आए। एक दफा तो ऐसा लगा रहा था कि पुलिस दिखावे के लिए कर रही है।
बुधवार सुबह ही लंगाह के साथी अपने-अपने गुटों में कोर्ट परिसर में पुलिस को चकमा देकर शामिल हो गए थे। कोई किसी वकील के चैंबर में बैठा हुआ था तो कोई किसी के। हालांकि भारी पुलिस फोर्स जिसकी कमान एसपी हैडक्वार्टर हरपाल सिंह एसपी सिटी-1 आशीष कपूर के पास थे। इनके साथ लगभग 100 पुलिस जवान तैनात थे। यहां तक सिविल वर्दी में भी जवान तैनात थे।
मोहाली कोर्ट में पूर्व कृषि मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह की पेशी होने के चलते कोर्ट परिसर में उनके समर्थक जमा हो गए। जिन्हें पुलिस ने बाहर निकाला।
पुलिस ने सभी समर्थकों को परिसर से बाहर निकाल दिया था। लेकिन जब लंगाह कोर्ट रूम से बाहर आए तो एकदम समर्थक गए। आगे-आगे पुलिस थी, बीच में समर्थक और उन समर्थकों के बीच लंगाह को छुपाया हुआ था। ऐसा इसलिए ताकि कोई मीडियाकर्मी फोटाे खींच सके। जिन समर्थकों ने लंगाह को घेरा हुआ था सब ने पीली पगड़ी पहनी थी, देखकर लग रहा था सब पूरी प्लानिंग से आए थे।
जब जज ने लंगाह, अमरीक को सजा सुनाई उनके अन्य साथियों को बरी करने के निर्देश जारी किए। उसी समय एसपी सिटी-1 के कहने पर एसएचओ मटौर ने कोर्ट में घूम रहे अधिकतर लेागों को परिसर से बाहर भेज दिया और कोर्ट खाली करवा दिया। इसके बाद कोर्ट में पुलिस ही पलिस नजर रही थी। सब समर्थक बाहर थे।