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बीमार पिता को लावारिस बता अस्पताल में छोड़ा
संस्कार के लिए डेड बॉडी नहीं दे रहे था अस्पताल प्रशासन
पोस्टमाॅर्टम के बाद प|ी और बेटे को सौंप दी बॉडी
जगतपुराकाॅलोनीमें रहने वाले 63 साल के मौना सिंह को पांच दिन पहले बीमारी की हालत में उसकी प|ी बेटा जीएमएसएच-16 में भर्ती करवा गए थे। जब फाॅर्म भरा तो उस पर दोनों मां और बेटा ने लिख कि दिया कि यह शख्स लावारिस है और उनके घर के पास गिरा हुआ था। इंसानियत के नाते वह उसको अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए ले आए। अस्पताल प्रशासन ने भी महिला की बात मानते हुए मौना सिंह को एडमिट कर लिया और इलाज शुरू कर दिया। 6 दिन में मां और बेटा बीच में कई बार मौना से मिलने भी आए। इस दौरान भी उन्होंने यही बताया कि वे लावारिस को भर्ती कराकर गए थे और इंसानियत के नाते उसका हालचाल जानने के लिए रहे हैं। उन्होंने किसी को बताया भी नहीं कि मौना उनके घर का ही मेंबर है। माैना शराब का आदी था और उसको शूगर भी थी। इस कारण उसकी हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही थी। रविवार आधी रात मौना की अस्पताल में मौत हो गई।
पुलिस चौकी ने फेज-11 पुलिस थाना को इस डेडबॉडी के बारे में सूचना दी। फिर फेज-11 से पुलिस मुलाजिम जीएमएसएच-16 गया और वहां पर जब मौना की प|ी बेटे से बात हुई तो साफ हुआ कि मौना लावारिस नहीं, बल्कि गरीबी के कारण उसकी प|ी बेटा उसको अस्पताल में भर्ती करवा गए थे। फ्री इलाज चल रहा था और ठीक होते ही उन्हांेने मौना को वापस ले जाना था। बदकिस्मती से अस्पताल में इलाज के दौरान मौना की मौत हो गई। पूरी पूछताछ करने के बाद फिर पोस्टमार्टम कर पुलिस ने बॉडी घरवालों को हेंडओवर की।
एसएचओ फेज-11 हरसिमरत सिंह बल ने बताया कि इलाज के दौरान मौना की मौत हो गई। वहीं मौना का बेटा सोमवार को उसको देखने गया तो वहां मिला नहीं और उसको बताया गया कि उसकी मौत हो गई। बेटे ने यह बात अपनी मां को बताई। इसके बाद वहां मौना की प|ी भी गई और मां-बेटा अस्पताल प्रशासन से मौना की डेड बॉडी मांगने लगे। लेकिन मौना के एडमिट फाॅर्म पर लवारिस लिखा हुआ था। इस कारण अस्पताल वाले डेड बॉडी नहीं दे रहे थे।
हरसिमरत सिंह बल, एसएचओ फेज-11 अस्पताल ने बताया कि पुलिस चौकी से सूचना आई थी। जीएमसीएच-16 में जब मुलाजिम को भेजा गया तो पता चला कि इलाज के दौरान अस्पताल में मरने वाला मौना लावारिस नहीं था, बल्कि गरीबी के कारण उसकी प|ी बेटा उसे लावारिस बताकर यहां भर्ती करवा गए थे। पुलिस ने फिर पोस्टमार्टम करवाकर और पूरी जांच के बाद मौना की डेड बॉडी उसके घरवालों के हवाले कर दी।