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सरगना को मारने वाले तीन लुटेरे गिरफ्तार, आज कोर्ट में होंगे पेश
मटौरगांव में 26 जनवरी को एक अज्ञात की डिकंपोजड बॉडी रजाइयों के ढेर के नीचे दबी मिली थी। इस केस में पुलिस ने तीन हत्या के आरोपियों को पकड़ लिया है। हत्या के आरोपियों की पहचान यूपी अलीगढ़ के रहने वाले महराज शेख, छोटे भाई रहीम शेख धनासपुर यूपी के रहने वाले शकील खान के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों भाइयों को अंबाला और शकील को राजपुरा से पकड़ा है। वहीं मृतक की पहचान इन्हीं के चौथे साथी शाजी लाल के रूप में हुई, जोकि इनका सरगना था। यह सब यूपी के रहने वाले थे, लेकिन काफी समय पहले इनके घरवाले बंाग्लादेश से भारत में मजदूरी करने आए और यहीं पर रहने लगे। तीनों आरोपियों को पुलिस मंगलवार को जिला अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी। एसएसपी ने बताया कि यह एक गैंग है जिसके कई सदस्य देश के कई हिस्सों में फैले हुए हैं ओर लोगांे को नए तरीके से ठगने का काम करते थे।
डॉलरसे ठगे पैसों को लेकर हुई थी लड़ाई: एसएसपीने बताया प्राथमिक जांच में सामने आया कि यह गैंग इससे पहले दिल्ली, जालंधर लुधियाना में कई लोगों को डॉलर का लालच देकर ठग चुके हैं। 5 जनवरी की रात को भी इन चारों की लड़ाई शराब के नशे में डॉलर द्वारा ठगे पैसों के बंटवारे को लेकर ही हुई थी।
सस्तेमें डॉलर बेचने का देते थे लालच: एसपीसिटी-1 आशीष कपूर ने बताया कि यह लोग ऐसे लोगों को ढूंढते थे जो इनसे सस्ते दाम पर डॉलर खरीद ले। क्योंकि पंजाब में ट्राईसिटी में सबसे ज्यादा एनआरआई रहते हैं इसलिए इन्हाेंने मोहाली को चुना और यहां मटौर में कुछ दिनांें पहले ही किराए पर कमरे लिए। मृतक शाजी अपनी प|ी बच्चों के साथ यहां रहता था।
प|ी को कहा था-पुलिस ने तेरे पति को पकड़ लिया
आरोपीयहां पर पेन ड्राइव मेमोरी कॉर्ड बेचने का काम करते। 5 जनवरी को जब इन्होनें शाजी की हत्या की तो उसके बाद घर को ताला लगा दिया। उसकी प|ी बाहर गई थी। जैसे ही घर आने लगी तो वहां उसका इंतजार कर रहे आरोपियों ने कहा कि शाजी को पुलिस पकड़कर ले गई और घर का ताला लगा दिया तूं भी भाग जा। जिसके बाद वह भी भाग गई, क्योंेकि इस गैंग में शामिल थी।
एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस काॅन्फ्रेंस कर इस मर्डर का खुलासा किया। आरोपियों को क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा है। एसएसपी ने बताया कि उक्त तीनों आरोपियों ने 5 जनवरी को अपने चौथे साथी शाजी लाल को उसी के कमरे में पैसों के लेनेदेन के लिए मार दिया था। उसके गले शरीर पर चाकूओं से इतनी बार किया कि वह वहीं पर मर गया। इससे पहले सभी आरोपियों ने उसके कमरे में उसके साथ बैठकर ताश खेली और साथ में शराब भी पी। जिस समय आरोपियों ने शाजी को मारा उस समय उसके घर में प|ी बाहर सब्जी लेने के लिए गई हुई थी। शाजी को मारने के बाद आरोपियों ने शव को रजाइयों के ढ़ेर के नीचे दबा दिया ताकि किसी को शक हो और बदबू बाहर सके। लेकिन 26 जनवरी को जब मकान मालिक जसपाल सिंह किराया लेने के लिए उक्त कमरे में गया तो देखा कि बाहर ताला लगा हुआ और बदबू फैली हुई थी। जिसके बाद पुलिस काे सूचित किया गया और तब जाकर इस मर्डर का पता चला।