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फेज-10 िस्थत श्री दुर्गा मंदिर में आचार्य शास्त्री ने संगतों को सुनाई श्रीमद् भागवत कथा

7 वर्ष पहले
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फेज 10 स्थित श्री दुर्गा मंदिर सभी द्वारा आयोजित श्री मद् भागवत सप्ताह संपन्न हुआ।

भास्कर न्यूज | मोहाली

होलियामेंउड़े रे गुलाल..कायो रे मंगेत्तर से.., होली रे होली रे..। भगवान श्री कृष्ण जी के भजनों पर महिलाएं जमकर नाची। वहीं, संगतों में गेंदे के फूलों की भी बरसात भी हो रही थी, जिसे देख समय एक समय पर तो ऐसा लगा जैसे पंडाल में मौजूद संगत भगवान श्री कृष्ण की लीला में खो गई हो। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला रविवार को फेज-10 िस्थत श्री दुर्गा मंदिर सभा में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह के समापन समारोह के दौरान। इस अवसर पर उतरकाशी उत्तराखंड से आए से आचार्य सुभाष चंद्र शास्त्री ने भगवान श्री कृष्ण द्वारा मनाई जा रही होली से श्रीमद् भागवत कथा को संपन्न किया। वहीं, आचार्य शास्त्री द्वारा भगवान श्री कष्ण जी के भजनों का गुणगाण किया गया, जिस पर पंडाल में मौजूद संगतों ने जमकर नाच-गाना किया। वहीं, श्रीमद् भागवत सप्ताह संपन्न होने के बाद मंदिर में पूरी-छाेले चावल का लंगर भी लगाया गया।

मंदिर के प्रधान एसके सूद ने बताया कि सभा की ओर से श्रीमद भागवत सप्ताह का आयोजन पहली बार किया गया है।

उन्होंने बताया कि मंदिर में हर त्योहार समागम बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। सूद ने बताया कि श्रीमद भागवत कथा के लिए खासतौर उतरकाशी में उत्तरांखंड के कथावाचक आचार्य सुभाष चंद्र शास्त्री को बुलाया गया था, जिन्होंने अपने संगतों के समक्ष श्री कृष्ण की लीला अपने विचार रखें। इस मौके मंदिर कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जसविंदर शर्मा, सचिव एनके शर्मा, लीगल एडवाइजर बलबीर चंद सैनी सीनियर मेंबर जोगिंदर पाल तोखी समेत अन्य मेंबर्स भी मौजूद थे।

भगवान श्रीकृष्ण के भजनों पर नाचे श्रद्धालु

मंदिर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जसविंदर शर्मा ने बताया कि फेज-10 में श्री दुर्गा मंदिर को स्थापित हुए अभी कुद ही समय हुआ है। लेकिन मंदिर कमेटी को बने 10 साल से भी उपर हो गए है। शर्मा ने बताया कि इससे पहले मंदिर फेज-10 के मकान न. 1326-ए में स्थापित था। उन्होंने बताया कि एडवोकेट बलबीर चंद ने अपना एक फ्लैट मंदिर के लिए दान में दिया हुआ था, कि जब तक मंदिर को पक्के तौर पर जगह नहीं मिलती तब तक मंदिर उनके फ्लैट में ही रहेगा। ऐसे में करीब 10 साल से ज्यादा तक मंदिर उन्हीं के फ्लैट में स्थापित था। मंदिर कमेटी द्वारा शुरू से