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50 लाख सीएलयू कोई नहीं दे सकता: पैलेस ओनर
पंजाबमेंमैरिज पैलेस मालिकों की हालत दिन प्रतिदिन खस्ता होती जा रही है। कारण है सरकार की तरफ से पैलेस के लिए बनाई गई नई पाॅलिसी। नई पॉलिसी के चलते कई मालिक तो यह काम छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। इसी के कारण डिप्टी सीएम ने चीफ पार्लियामेंटरी सेक्रेटरी एनके शर्मा की ड्यूटी लगाई कि वह एक जाेन जिसमें पटियाला, मोहाली, बरनाला, संगरुर फतेहगढ़ साहिब के जिला स्तरीय मैरिज पैलेस एसोसिएशन वाले इकट्ठा हुए थे। सब ने एक आवाज में एनके शर्मा को कहा कि जो पॉलिसी बनाई गई है वह बिल्कुल भी उनके अनुरूप नहीं है।
2007में सीएलयू आई तो पुराने वाले क्यों 50 लाख दें: पंजाबमैरिज पैलेसे एसोसिएशन प्रधान सुखदेव सिंह सिद्धू ने कहा कि इस मीटिंग में सबसे बड़ा सवाल था चेंज ऑफ लैंड (सीएलयू) का। नई पाॅलिसी के अनुसार सीएलयू साल 2007 में पूडा ने इंटरोड्यूस किया। पाॅलिसी में कहा गया है कि सारे मैरिज पैलेस वाले सीएलयू राशि भरे यानी कि 50 लाख रुपए। जबकि कई मैरिज पैलसे 90 दशक के हैं तो कई2007 से पहले के। वह लोग कैसे सीएलयू भर सकते हैं।
बिल्डिंगबॉयलाज बहुत की खराब है: लुधियानाके मनप्रीत बंसल ने कहा कि पाॅलिसी में जो बिल्डिंग बॉयलाज हैं वह बिल्कुल की विपरीत है। इसमें कहा गया कि मैरेज पैलेस के दोनों साइड से 6/6 मीटर सड़क होनी चाहिए और फ्रंट से 30 मीटर की एंट्री। पूरे मैरिज पैलेस एिरया में 50 फीसदी पार्किंग एिरया हो। यह हो नहीं सकता और नेशनल हाईवे से इतनी दूरी पर पैलेस होना चाहिए। जो पैलेसे पहले ही बन चुके हैं उनके नक्शे में कैसे बदलाव किया जा सकता है। यह तो नहीं की पूरे पैलेस को तोड़कर दोबारा से पाॅलिसी अनुसार बनाया जाए।
एक्साइजपाॅलिसी ऐसी की पैलेस मालिक भाग जाए: फतेहगढ़साहिब के रणधीर सिंह ने कहा कि नई पालिसी में एक्साइज पालिसी ऐसी बनाई है कि मेरिज पैलेसे वाले बंद कर भाग ही जाए। हरियाणा यूटी में एक्साइज फीस एक हजार रुपए है लेकिन मोहाली में ढ़ाई हजार से लेकर 10 हजार रुपए तक। ऊपर से वैट पहले मांगते हैं। जब सामान लिया जाएगा और कुल बिल पर ही वैट दिया जाएगा न। एडवांस में वैट कौन देगा। यह कहां का नियम है।
सारेविभाग भगाते रहते हैं: गोल्डीने कहा कि चाहे बात करे नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ऑफ इंडिया की, पूडा की, गमाडा की या फिर फोरेस्ट विभाग की। किसी भी विभाग का अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं देता। बल्कि ऐसे ट्रीट करता है जैसे प