किक से मनचलों को सबक सिखा देंगी लड़कियां
अमेरिकनगेमजीतकनेडो और टैग शू डू में जहां लड़कियां अपने जौहर खेल के मैदान में दिखा रही हैं, वहीं अगर उन पर किसी तरह की कोई मुसीबत आए तो वे मनचलों को पंच और किक से सबक भी सीखा सकती हैं। यह गेम लड़के और लड़कियों दोनों के लिए और इससे वे खेल-खेल में सेल्फ डिफेंस के गुर सीख जाते हैं। यह गेम जहां शरीर को चुस्त और तंदुरूस्त रखने के लिए फायदेमंद हैं वहीं दुश्मन से बचाव में भी सहयोगी है। टैग शू डू नामक गेम दिखने में तो कराटे जैसा लगता है। जो लड़कियां इस गेम को खेलती हैं वह छेड़छाड़ और कैमेंट्स कसने वाले शरारती लड़कों को सबक सीखाने में भी सक्षम हो जाती हैं। पंजाब के स्कूलों में अभी इस गेम की शुरूआत है और इसका स्टूडेंट्स में रूझान बढ़ने लगा है।
जीतकनेडाे और टैग शू डू गेम्स के कोच अरवन कुमार और जितेंदर कौर अपनी टीम के साथ पहुंची है। इनका कहना है कि इन नए गेम्स को अभी ज्यादा खिलाड़ी नहीं खेल रहे हैं, लेकिन यह गेम आने वाले समय में खिलाड़ियों को अच्छा लगने लगेगा। अरवन कुमार ने बताया कि उन्होंने पंजाब के कई स्कूलों के बच्चों को यह गेम सीखाया है और कई देशों में खिलाड़ियों को लेकर गए भी है।
3बी1 के सरकारी स्कूल में हुए मुकाबले
17-19 एज के स्टूडेंट्स ने लिया हिस्सा
60वींअंतर जिला पंजाब स्कूल खेलों का आयोजन मंगलवार से शुरू किया गया है। इन खेलों में हिस्सा लेने आई पंजाब की लड़कियों और लड़कों की टीमें जो 17 और 19 साल आयुवर्ग के है अपने प्रदर्शन को लेकर काफी उत्साहित दिखे। बुधवार को इन गेमों के मुकाबले शुरू होने वाले हैं।