पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पीएचसी को कब मिलेगा एनएबीएच का दर्जा

पीएचसी को कब मिलेगा एनएबीएच का दर्जा

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
करीबएकवर्ष पहले से पिंजौर पीएचसी को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं वाला अस्पताल बनाने की योजना चल रही थी जिसमें एनएबीएच का दर्जा दिलाने की कार्रवाई की थी। उसके लिए जो अभी एक सर्वे होना था, वह हो चुका है। इसके एक फाइनल सर्वे होना है जो सम्बन्धित विभाग कभी भी करवा सकता है। जानकारी देते हुए पिंजौर पीएचसी के प्रभारी डाॅक्टर मनीष गर्ग ने बताया कि एनएबीएच का दर्जा देने के लिए पीएचसी में जो सुविधाए शर्ते होती हैं, वह पिंजौर पीएचसी तकरीबन पूरी हैं। इसका फाइनल सर्वे होना है, जिसे विभाग कभी भी करवा सकता है। कहा कि पीएचसी को एनएबीएच का दर्जा मिलने पर यहां पर बहुत सी सुविधाएं मिलंगी।

क्याथीं अड़चनें एनएबीएच मामले में: पिंजौरमें अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित की गई पीएचसी को लगभग 7 दशक बाद अपग्रेड कर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं वाला स्वास्थ्य केन्द्र बनाने की योजना पर गत वर्ष से कार्य चल रही थी, लेकिन उसके कुछ महीने बाद उक्त योजना पर कार्य आगे नहीं बढ़ पाने के कारण योजना अधर में लटक गई थी, परन्तु पीएचसी के पूर्व प्रभारी डाक्टर अनूप जैन के प्रयासो से इसकी कार्यवाई को आगे बढ़ाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पिंजौर अस्पताल को लंबे अर्से से अपग्रेड कर सीएचसी या सिविल अस्पताल का दर्जा देने की मांग लोगों द्वारा की जा रही थी। उक्त केन्द्र का कई बार दर्जा बढ़ाने की योजना पर सरकार की ओर से विचार भी किया गया, लेकिन तकनीकि कारणों से उसे लंबित कर देना पड़ा था। गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग की ओर से उक्त केन्द्र को नेशनल एक्रीडिशन बोर्ड (एनएबीएच)के तहत विश्व स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की योजना मंजूर की गई थी जिसे केन्द्र के एनएचआरएम विभाग का सहयोग मिला था। एनएबीएच के तहत देश भर में मात्र एक दर्जन अस्पताल हैं ठीक उसी प्रकार हरियाणा की दो पीएचसी को उक्त दर्जा दिलाने की मंजूरी प्रदान की गई थी। एनएबीएच योजना के तहत उक्त केन्द्र में उच्च स्तर का आप्रेशन थिएटर, आधुनिक लैब, आधुनिक, बेड, मरीज की प्राइवेसी, बिस्तरों को धोबी की बजाय लाॅन्ड्री से विशेष कैमिकल की धुलाई करवाना, मरीजों को उच्च स्तर की चिकित्सा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना आदि शामिल है। केवल इतना ही नहीं उक्त योजना के तहत स्वाथ्य केन्द्र के भवन में कुछ तबदीलियां करवाने, सिवरेज व्यवस्था करने, स्वच्छ पानी के लिए ट्यूबवेल लगवाने