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डैम में पिंजौर की ओर से आता है गंदा पानी, पंचकूला में दी जाती है सप्लाई

7 वर्ष पहले
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कौश्लया डैम में पिंजौर का गंदा पानी जाता हुआ।

रोजाना काैशल्या डैम में जमा हो रहा है हजारों लीटर गंदा पानी

बलविंदर शम्मी|पिंजौर

पिंजौरशहर में बनाया कौशल्या डैम में रोजाना हजारों लीटर गंदा पानी जमा हो रहा है। इसी डैम से पंचकूला में पानी की सप्लाई दी जाती है। पिंजौर से जाने वाला गंदा पानी चौणा चौक के पास से बाईपास से होकर डैम में जाता है। इसके अलावा सैनी मोहल्ला आसपास की नालियों का पानी मेन बाजार की नालियों से होकर गार्डन के सामने से डैम में जाता है। डैम को 217 करोड़ की लागत से बनाया गया है। दो दिन पहले ही पचंकूला को दिए जा रहे पानी में बदबू आने और डायरिया की बीमारी के रोगियों में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए डैम से पानी की सप्लाई बंद कर दी गई।

गौरतब है कि भास्कर ने डैम में जा रहे गंदे पानी के समाचार को प्रमुखता से उठाया था, उस समय सिचांई विभाग के अधिकारियों ने कहा था कि पानी के सैंपल चेक किए गए थे। परन्तु अभी भी डैम के अन्दर तीन रास्तों से पिंजौर का गन्दा पानी प्रतिदिन हजारों लीटर जा रहा है। डैम में जा रहा पानी लोगो के घरो से जाने वाला गंदा पानी है जिसमें लोगों के घरों में बने सीवरेज के टैंको के ओवरफ्लो का पानी भी जाता है।

इसके अलावा पिंजौर मेन बाजार के होटलों का गंदा पानी गार्डन की पार्किंग बूथों से होकर डैम में जाता है। इन तीनों जगहों से प्रतिदिन हजारों लीटर गंदा पानी डैम में जाता है। इसके अलावा कौशल्या नदी में गौशाला के पास बनी दर्जनों झोपड़ियों में रहने वाले लोग भी नदी के अन्दर ही खुले में शौच के लिए जाते हैं वो गन्दगी भी बारिश के पानी से सारी डैम में ही जाती है। उधर कालका और परवाणू फैक्टरियों का कचरा भी नदी में गिराने से वो पानी भी डैम में ही आता है। उस कचरे को अभी भी डैम में एकत्रित पानी के ऊपर तैरते हुए देख सकते हैं।

गौरतलब है कि करीब तीन वर्ष पूर्व भी जिला प्रशासन ने पहले नगरपालिका को उसके बाद नगर निगम को शहर के गंदे पानी को डैम में रोकने के आदेश दिए थे परन्तु इस पर पूरी तरह से कोई रोक नही लग पाई। पिछले कई दिनों से डैम में पानी दो दिन में ही खतरे के निशान पर पहुंचने की अटकले लगाई जा रही थीं। परन्तु इन बातों को आज करीब एक माह होने को है अभी भी डैम के अन्दर पानी खतरे के निशान से पौना मीटर दूर है।

रविवार को डैम के अन्दर पानी सवा 477 मीटर पर है ज