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हेरिटेज मेले के बाद टूरिज्म डिपार्टमेंट ने करवाई गार्डन की नहर की सफाई

7 वर्ष पहले
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हरियाणाटूरिज्मद्वारा 6 दिसम्बर को दो दिवसीय 9वें हेरिटेज मेले का आयोजन पिंजौर के यादविन्द्रा गार्डन में बड़ी धूमधाम से किया गया था। देश के दूर-दूर से आने वाले हजारों पर्यटकों को गार्डन की सुंदरता आकर्षित करे, इसके लिए टूरिज्म विभाग द्वारा कोई भी कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन यादविन्द्रा गार्डन के बीचो बीच जाने वाली नहर को भी सजाया गया था।

हेरिटेज मेले में विभाग द्वारा इस नहर को आनन-फानन में ही सजाने की कोशिश की। इसमेंं टूरिज्म विभाग ने पूरे गार्डन की नहर को साफ करने के बजाय उस जगह की सफाई की जहां तक चीफ गेस्ट को आना था। आगे की नहर को साफ ही नहीं किया गया। यह मामला भास्कर ने 8 दिसम्बर को प्रमुखता से छापा था और गार्डन की साफ सफाई पर सवाल उठाए थे।

टूरिज्म विभाग ने अगले ही दिन नहरों की सफाई का काम शुरू करवा दिया गया। अलग अलग टैरेस पर नहरों के अंदर मशीनें लगाकर नहरों के फर्श की सफाई शुरू कर दी गई। हालांकि नहरों की सफाई हेरिटेज मेले से पहले होनी चाहिए थी, जिससे मेले में आने वाले हजारों पर्यटकों को भी अच्छा लगता। जबकि विभाग को करीब एक सप्ताह पहले ही गार्डन में हेरिटेज मेले की तारीख के बारे में जानकारी मिल गई थी फिर भी विभाग द्वारा आधी अधूरी तैयारी में ही मेला शुरू हो गया।

हेरिटेज मेले से पहले ही नहर की सफाई होनी चाहिए थी, क्योंकि यहां दूर-दूर से पर्यटक आए हुए थे।

गार्डन के बीचों बीच बनी इस नहर में पानी सबसे ऊपर वाले टैरेस से छोड़ा जाता है जो कि बायग्रेवटी गार्डन के नीचे वाले टैरेस तक पहुंचता है। इसके अलावा रंग महल के पास भी एक फाउंटेन है, जिसका पानी भी नीचे वाली नहरों में जाता है। इस पानी में मिट्टी भी होती है जो कि इतनी ज्यादा कम मात्रा में होती है कि वो दिखाई भी नहीं देती। लेकिन धीरे-धीरे वो मिट्टी नहरों के नीचे मार्बल वाले फर्श पर प्रतिदिन सफाई होने के कारण जमती रहती है। इसके अलावा हवा के साथ जो मिट्टी उड़ती है वो भी नहरों में जाती है। प्रतिदिन नहरों की सफाई होने के कारण मार्बल के फर्श पर मिटटी इतनी मोटी परत में जम जाती है कि इसे आसानी से साफ नहीं किया जा सकता।

पहले ही करना चाहिए था यह काम