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पोल्ट्री फार्म्स की खाद से बनाई जाएगी सीएनजी
बरवाला,रायपुररानी बेल्ट के दर्जनों गांवों के लिए कुछ सुकून वाली बात है कि उनकी सबसे बड़ी परेशानी का हल हो सकता है। इस बेल्ट की सबसे बड़ी परेशानी मक्खियों की समस्या जिस खाद, कीटाणुओं से शुरू होती है, उसे जल्द निपटा दिया जाया करेगा ताकि मक्खियांे की संख्या बढ़े। जी हां, असल में मुर्गियों की खाद से सीएनजी प्लांट लगाए जाने का प्रोसेस तेज हो गया है। इसके चलते लोगों को राहत मिलेगी।
ये प्लांट जासपुर, नयागांव छज्जूमाजरा में लगने प्रारंभ हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि बरवाला, रायपुररानी इलाके में एशिया की दूसरी बड़ी पोल्ट्री बेल्ट स्थापित है। यहां पर करीब 15 दर्जन पोल्ट्री फार्म हैं। गर्मियों के मौसम में इस पोल्ट्री बेल्ट के गांवों में मक्खियों की समस्या बनी रहती है। अब मौसम बदलते ही इलाके के पोल्ट्री फार्मर्स मक्खियों की समस्या से निपटने के उपायों को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसी के चलते फार्मों की खाद से सीएनजी प्लांट लगने प्रारंभ हो गए हैं। तीनों प्लांट इसी वर्ष मई तक चालू हो जाएंगे। इन प्लांटों में फार्मों की खाद से सीएनजी बनेगी।
गांव में सीएनजी प्लांट लगने शुरू
एसोसिएशनका पूरा प्रयास रहेगा कि गर्मियों में मक्खियों की समस्या से ग्रामीणों को निजात मिले। समस्या से निपटने के उपायों में स्थापित किए जा रहे हैं। सीएनजी प्लांट्स में खाद का उठान होने से फार्मों से खाद उठने से समस्या नहीं पनपेगी।
फार्मों की आय में होगा इजाफा
खादउठान होने से जहां मक्खियों की समस्या नहीं पनपेगी, वहीं सीएनजी की बिक्री से फार्मों की आय बढ़ेगी। ग्राम पंचायत मौली के सरपंच संजीव राणा भूरा ने पोल्ट्री बेल्ट में सीएनजी प्लांट स्थापित किए जाने को सराहनीय बताया है।
सीएनजी प्लांट करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से बनेगा। जासपुर में बनने वाले सीएनजी प्लांट में प्रतिदिन 8 लाख मुर्गियों की खाद से सीएनजी बनेगी। वहीं, छज्जूमाजरा में बनने वाले सीएनजी प्लांट में 7 लाख मुर्गियों की खाद प्रतिदिन यूज की जा सकेगी। नयागांव के बनने वाले सीएनजी प्लांट में भी प्रतिदिन 7 लाख मुर्गियों की खाद से सीएनजी बनेगी। यानी तीनों सीएनजी प्लांटों में प्रतिदिन 22 लाख मुर्गियों की खाद यूज हुआ करेगी। एसोसिएशन के पदाधिकािरयों के मुताबिक पोल्ट्री बेल्ट में लगने जा रहे तीन सीएनजी प्लांटों में खाद यूज होने से फार्मों से खाद का उठान होता रहेगा।