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जीरकपुर एमसी में 78049 वाेटर्स के लिए 70 पोलिंग बूथ
निकायचुनावाें के लिए जीरकपुर के म्युंसीपल भवन में जरुरी तैयारी कर दी गई है। यहां रिर्टर्निग अधिकारी ने अपना कामकाम शुरु कर दिया है। इसके साथ ही अन्य स्टाफ भी तैनात किया गया हैँ। जीरकपुर नगर परिषद के 31 वार्डों के लिए 78049 वाेटर्स है। 70 पाेलिंग स्टेशनों पर वोट डाली जाएंगी। पहले दिन एनएओसी पोपर्टी टैक्स भरने वालों की लाइन लगी रही। अब यहां बुधवार से नोमिनेशन भरे जाएंगे। उधर निकाय चुनावों को लेकर जीरकपुर में अकाली-भाजपा मंे टिकटों को लेकर अभी गतिरोध कायम है। बीजेपी चाहती है कि उसे 31 में से 15 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिले। जबकि अकाली दल इस पर अभी कुछ कहने को तैयार नहीं है। सोमवार को इस पर मीटिंग भी हुई पर कोई फैसला नहीं लिया गया। मंगलवार को भी मीटिंग बेनजीता रहा। जीरकपुर में बीजेपी के मंडल प्रधान नरेंद्र गोयल ने कहा कि साल 2008 के एमसी चुनाव में उन्हंे 15 में से 7 सीटें मिली। इस बार भी उसे रेशो को देखते हुए 15 सीटें मिलनी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी अपने अकाली दल से अलग होकर चुनाव लड़ेगी। हालांकि अभी इस बात को लेकर एक मीटिंग और होगी। इसके बाद दोनों गठबंधन पािर्टयों के बीच हो सके किसी बात पर एकमत हो जाएं। लेागांे में भी इस बात का उत्साह है कि अब यहां चुनाव को लेकर किसी प्रकार का डिस्प्यूट किए बिना चुनाव होने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। जीरकपुर एरिया में अकाली दल का दबदबा है। यहां पार्टी के साथ विधायक मुख्य संसदीय सचिव नरेंद्र कुमार शर्मा का लेागांे में पूरा प्रभाव है।
दिल्ली में जीत के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर में रैली निकाली। लड्डू बांटे। आम आदमी के नेताआंे ने कहा कि दिल्ली के बाद अब पंजाब की बारी है।
अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस के लिए के पास जो भी कैंडिडेट्स हैं वे मजबूत हैं। बीजेपी के पास कुछ वार्डों को छोड़ नए चेहरों को िटकट दी जानी है। चुनाव के लिए समय कम बचा है। अकाली दल चाहता है कि यह गठबंधन भी बना रहे और विनिंग कैंडिडेट काे ही टिकट मिले। भले ही वह अकाली दल से हो या बीजेपी से। हालांकि यहां इस गठबंधन के सामने कोई बड़ा विपक्ष नहीं है। कांग्रेस की ओर से अभी कहीं भी किसी कैंडिडेट को खड़ा नहीं किया गया। आम आदमी पार्टी की ओर से निकाय चुनावों को लेकर भी अभी स्पष्ट नहीं कि उनको हाईकमान से क्या फरमान आता है।