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गोडाउन 400 से ज्यादा, पार्किंग की जगह नहीं

7 वर्ष पहले
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^अगर सड़क पर ट्रक खड़े रहते हैं तो उनको हटाना पुलिस का काम है। एमसी का इसमें कोई काम नहीं है। -परमिंदरसिंह, कार्यकारीअधिकारी

क्या कहते हैं लोग

^जीरकपुरमें कई गोदाम होंगे उनके पास 1 ट्रकों की भी जगह नहीं है। ऐसे में इनको गोदाम खोलने की परमिशन कौन देता है। यहां की एमसी के संबंधित अधिकारियों ने शायद कभी इस मसले पर सोचा तक नहीं होगा। सोचा है तो कितनों को नोटिस भेजे। -नजैयबसिंह

चालान काटे पुलिस

^जीरकपुरट्रैफिक पुलिस के सामने ही यहां सैकड़ों ट्रक सड़क पर लगे रहते हैं। उनका चालान नहीं किया जाता है। यहां चडीगढ़-अंबाला रोड के दोनों ओर देखा दर्जनों ट्रक लगे होते है। इनसे यहां हादसे होने का डर लगा रहता है।हाइवे की सर्विस लेन बुरी तरह से टूट गई है। -आदेशकुमार

भास्कर न्यूज | जीरकपुर

जीरकपुरमेंगोडाउन तो 400 से भी ज्यादा हैं। यहां पर एमसी ने सभी को गोडाउन तो इशू कर दिया पर यह नहीं सोचा की वहां पर आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की जगह कहां से लाएंगे। ऐसे मंे अब यहां पर वाहनों की केवल गोडाउन एरिया तक सीमित नहीं रह गई है यह सर्विस लेन तक गई है। सैकड़ों गोदाम बनाकर लोग मनमर्जी से यहां काम कर रहे हैं। इनसे सिर्फ लोकल ट्रैफिक बल्कि नेशनल हाईवे का ट्रैफिक भी परेशान है। सर्विस लेन पर भी यहां गोदामों में आने वाले ट्रक खड़े रहते है। यहां का प्रशासन और पुलिस की इन पर पूरी मेहरबानी है। तो यहां सर्विस लेन पर खड़े ट्रकों के चालान किए जाते है अवैध तौर पर यहां गलियों में खड़े ट्रकों को ही रोजा जा रहा है। इससे यहां की जनता परेशान है। लोगों का कहना है कि यहां उतने ही गोदामों को परमिशन दी जाए जिनके पास कारोबार के हिसाब से पार्किंग की जगह है। कुछ की हालत तो यह है कि एक ट्रक या मिनी ट्रक तक खड़े करने की जगह नहीं है।

यहां जेपी अस्पताल के पास से लेकर आगे चंडीगढ़ बैरियर तक सर्विस लेन रोड बर्म और ड्रेन लाइन के उपर ट्रकों की पार्किंग बनी हैॅ। इससे यहां हादसे होने का भी डर बना है। सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित होता है। यहां इनको रोका जाना चाहिए।

जीरकपुर-चंडीगढ़ रोड पर रॉन्ग पार्किंग

^ट्रकों के लिए ही सर्विस लेन है। अगर वो हो तो ट्रक कहां जाएंगे। बाकी गोडाउन के मालिक को और एमसी को यह सोचना चाहिए था कि उनके पास आने वाले ट्रक कहां खड़े हांेगे। अभी ताे और कोई जगह है तो वो हमें बताई जाए। पार्किंग के