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5 से 6 साल तक बच्चों में दांतों की देखभाल बेहद जरूरी

7 वर्ष पहले
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बचपनस्कूलमें शनिवार को फ्रि डेंटल चेकअप कैंप लगया गया। इस मौके पर सभी बच्चों के दांतों के चेकअप हुआ। उनकी डेंसिटी की जांच हुई। उनको बताया गया कि अापके दांत कितने स्ट्रॉग हैं और इसमें क्या कमियां हैं। स्कूल में यह फ्री कैंप राज तारा डेंटल क्लीनिक की ओर से लगाया गया। डॉ नितिन मलिक ने बताया कि आज उनके पास इस कैंप के दौरान उनके पास बहुत से केसेस आए। ज्यादातर अभिभावक यह सोच लेते हैं कि कच्चे दांत हैं। इसके बाद तो पक्के दांत ही जाएंगे। यह सोचना ही बहुत गलत है। इसी सोच के कारण केयर खत्म हाे जाती है। मेरे कहने का मतलब है कि कच्चे दांत के नीचे पक्के दांत का पाउज होता है। उसकेे बाद पक्का दांत निकलता है। अगर कहीं कच्चे दांत खराब हो गया तो और वो पक्के दांत की पाउच तक पहुंच गया वो क्रेक हो गया तो उससे पक्का दांत भी खराब हो सकता है। दांत पर बुरा असर पड़ सकता है। दांत डेढ़े हो सकते हैं। यह पांच से छह साल के बच्चों के बीच मे ज्यादा होता है। माता पिता को चाहिए कि बच्चे के दंात साफ कपडे़ से साफ करने चाहिए जब वेा दो साल के होते हैं। उनकी जीभ भी इसी प्रकार साफ करने चाहिए। मीठा खाने से बच्चों को हमेश रोंके। वो सबसे बड़ी जड़ हैं दंात खराब होने की। इसके साथ ही बाजार में बच्चों के स्पैशल पेस्ट टूथब्रश आते हैं। अगर ब्रश करते वक्त पेस्ट पेट में चला गया तो इसको नुकसान भी नहीं होता है। बच्चों के लिए उनका इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ बच्चाें का हर छह महिने बाद एक बार चैकअप जरूर करवाया जाए। इससे उनके दातों की मजबूती सुरक्षा के बारे में पता चलता है। कैसे केयर रखनी है वेा भी गाईडेंस मिलती है। वहीं पर बडों को भी साल मे एक बार अपने दांत जरूर चैकअप करवाने चाहिए। उनके दांत खराब होने के पिछे सबसे बडा कारण स्मोिकंग, ऑली खाना, समय पर ब्रश करना, खाना खाने के बाद कुल्ली करना, ब्रश सही इस्तेमाल करना एेसे बहुत से कारण हैं।

बचपन स्कूल में राज तारा डेंटल क्लीनिक की ओर से लगाया गया डेंटल चैकअप कैंप।