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सड़कों पर ट्रैफिक, पुलिस ट्रकों की चेकिंग में है बिजी

7 वर्ष पहले
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जीरकपुरट्रैफिक पुलिस को यहां हो रहे हादसों से भले ही कोई लेना देना हो लेकिन जनता सवाल कर रही है कि यहां की ट्रैफिक पुलिस क्या कर रही है। आखिर चंडीगढ़ से सटे होने का भी यहां की पुलिस पर कोई असर नहीं हो रहा है। यूं तो यहां सड़क पर एक्सीडेंट होते रहते हैं पर इसके बाद भी पुलिस इनको रोकने के लिए अपने स्तर पर कोई काम नहीं कर रही है। यहां की ट्रैफिक पुलिस को ट्रकों को या बाहर की गाडि़यां को रोकने में एेसा मजा रहा है कि बाकी शहर में ट्रैफिक नियमाें के अनुसार चल रहा है या नहीं इसकी परवाह नहीं है।

जीरकपुर भेजा था बेटी हादसे का शिकार हो गई:ओमप्रकाश

हादसे ने मुझे अनाथ कर दिया: कर्मवीर सिंह नेगी

हरियाणा के रत्तनगढ़ गांव के निवासी सोनिया की सेठी ढाबे के पास एक्सीडेंट में जान चली गई। वो माया गार्डन में काम करती थी। उनके पिता आेम प्रकाश इस हादसे के बाद काफी बीमार हो गए थे। जो अभी उभरे हैं। उनके पिता बताते हैं िक सोनिया की माता अभी तक सदमें में है। मै तो दुख सह गया किसी तरह पर मेरी प|ी को यह दुख बार बार सता रहा है। उसका डॉक्टरी इलाज चल रहा है। वो बार बार अपनी बेटी को याद करके रो पड़ती है। अभी भी वो काफी घबराई हुई है। हमने अपनी बेटी को जीरकपुर में कैरियर बनाने के लिए भेजा था क्या पता था की ऑफिस के बाहर ही उसके साथ ऐसा हादसा हो जाएगा नहीं तो हम उसको जीरकपुर भेजते ही नहीं। वो हमारी एकेली बेटी थी। वो तो इतनी अच्छी थी कि अपनी कमाई का हिस्सा भी में भेज देती थी। जबकी उससे पता था की मेरे माता पिता को इसकी जरूरत नहीं वो चाहती तो सारी तनख्वाह अपनी पास रखती लेकिन एक बेटे की तरह वो अपना फर्ज निभाती थी। कहां से लांएगें ऐसी लायक बेटी अब हम। अब वो तो आएगी नहीं। हमारी यही इच्छा है कि किसी और की हादसे में जान जाए इसलिए जीरकपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभाला जाए। वहां हम गए हैं बहुत ही बुरा हाल है। हर जगह ट्रैफिक नियम की धज्जियां उडाई जा रही हैं। वहां इस कदर ट्रैफिक व्यवस्था खराब है कि हमें तो वहां पर अपने परिवार से किसी दूसरे को भेजने में डर लगता है।

पटियाला रोड पर शुक्रवार रात हादसे में अपने पिता को खो चुके कर्मवीर सिंह नेगी को इस बात का दुख है कि यहां बेवहज उसके पिता की जान चली गई। उसने भावुक होकर कहा कि इस हादसे ने उसको अनाथ कर दिया है। पटियाला लाइट प्वाइंट पर मैंने अपने पिता को खो दिया है