- Hindi News
- चौबीस घंटे सिक्योरिटी के बाद भी हो रही चोरी की वारदातें
चौबीस घंटे सिक्योरिटी के बाद भी हो रही चोरी की वारदातें
चौबीसोंघंटेफुल िसक्योरिटी। चोरी का डर नहीं। फ्लैट के बाहर प्ले ग्राउंड में बच्चांे के खेलने के लिए भी सुरक्षित माहौल। फ्लैट काे ताला लगाकर अपने काम पर जाओ तो पीछे कोई चोरी होने का डर नहीं। यही सोचकर अधिकतर लोग फ्लैट खरीदते हैं। पर अब यह धारणा गलत साबित हो रही है।
कम से कम जीरकपुर में निर्मल छाया टावर्स के बारे में तो यही कहा जा सकता है। यहां इस साल में आधा दर्जन से अधिक फ्लैट्स के ताले टूट चुके हैं। लेागांे को इन चोिरयों से भारी नुकसान हो रहा है। यहां गेट पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात है। इसके बावजूद यहां चोरियां थम नहीं रही हैं। वीरवार दिन में यहां बी 14 टावर के 201 नंबर फ्लैट के ताले टूटे। तीन दिन पहले यहां बी 12 के 102 नंबर मंे चोरी हुई। सी 3 जीएफ 11 में भी चोरी हुई। इससे पहले भी कई फ्लैट्स में चोरी हो चुकी है। ज्यादातर चोरियां दिन के समय हो रही हैं। 201 नंबर फ्लैट का ताला तोड़कर चोर अंदर गए। वहां सभी सामान टटोला। संयोग से फ्लैट मालिक ने घर के अंदर कुछ नहीं रखा था। वे सामान बिखेर कर चले गए। पर दो दिन पहले की चोरी में यहां अभिषेक गर्ग को डेढ़ लाख से ज्यादा की चपत लगी। यहां चोरियां बढ़ रही है। लगातार हो रही चारियों के कारण महिलाओं को ज्यादा डर सता रहा है। दिन में पति जब काम पर जाता है तो यहां की महिलाएं डरने लग जाती हैं। क्या पता किसी दिन वे घर के सदस्यांे की मौजूदगी में ही घर के अंदर घुस जाएं। इसमें जान का भी नुकसान पहुंचा सकता है। लोगों ने कहा पुलिस का हाल ठीक नहीं है। चोरी होने के बाद पुलिस कंट्रोल रुम में 11.6 बजे फोन पर सूचना दी गई। इसके बाद 12.3 बजे पुलिस मौके पर पहुंची।
यहां कोई बड़ी वारदात हो जाए तो कौन पूछेगा। यहां लोगांे ने एक मीटिंग की जिसमें लगातार हो रही चोरियों पर रोष जताया। लोगों ने कहा कि जीरकपुर में लगातार चाेरियां हो रही है। क्या कभी पुलिस ने किसी चोरी में गया सामान रिकवर किया है।
^लोग घरों मंे कुछ नहीं रख पा रह हैं। इस तरह से घरों के अंदर रखा सामान एक मिनट में हाथ से जा रहा है। अब तो खुद और परिवार के अन्य लाेगों की जान की चिंता बनी हुई है। यहां चोरी हो सकती है तो कुछ और भी हो सकता है। लोगों की सुरक्षा के लिए कोई कदम उठाना चाहिए। -सरोजशर्मा
^यहां हम खुद को अनसेफ समझ रहे हैं। हालात यह हो गए हैं कि किसी पर भी यहां भरोषा नहीं कर पा रहे है। यहां का