पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

एनआईए के सवालों का जवाब नहीं दे रही हेडली की पत्नी और सहयोगी

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नई दिल्ली/मुंबई. लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी डेविड हेडली की अमेरिका में रह रही पत्नी शाजिया और उसका बिजनेस पार्टनर रेमंड सैंडर्स एनआईए की जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने निजता के अधिकार का हवाला देकर एनआईए के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया है।
जांच एजेंसी ने अमेरिकी न्याय विभाग के माध्यम से शाजिया और सैंडर्स से संपर्क साधा था। सूत्रों ने कहा कि अमेरिकी कानून के मुताबिक दोनों में से कोई भी आरोपी नहीं है। ऐसे में वे किसी विदेशी एजेंसी की जांच में सहयोग देने के लिए बाध्य नहीं हैं।

यह उनकी मर्जी पर निर्भर करता है कि सवालों का जवाब देना चाहें या न चाहें। जांचकर्ताओं का मानना था कि हेडली ने अपने परिवार के बारे में जानकारी छिपाई है। यह भी पता लगाना जरूरी है कि शाजिया या सैंडर्स को हेडली की भारत में गतिविधियों और लश्कर-ए-तैयबा से उसके जुड़ाव की जानकारी थी या नहीं।
एनआईए के 106 पेज के डोजियर के मुताबिक हेडली ने भारतीय जांचकर्ताओं को कहा था कि उससे उसके परिवार के बारे में कोई सवाल न पूछा जाए। 2010 में अमेरिका में हेडली से विस्तृत पूछताछ के बाद ही यह डोजियर तैयार किया गया था।
हेडली के बयान पर राजनीति दुखद : निकम
भास्कर न्यूज|मुंबई, 26/11 केस में विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने रविवार को कहा कि डेविड कोलमैन हेडली की गवाही पर कूट-राजनीति दुखद है। जो हेडली की गवाही पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें इसका महत्व समझ में नहीं आ रहा है। इस पर हो रही राजनीति देश के लिए हानिकारक है।

डेविड हेडली ने पांच दिन तक अमेरिका से वीडियो लिंक के जरिए मुंबई की विशेष कोर्ट में बयान दर्ज कराए। कांग्रेस समेत कुछ राजनीतिक दल बयानों पर सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा था कि हेडली का इशरत जहां का नाम आतंकी के रूप में लेना संदिग्ध है। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाए थे कि हेडली के खुलासे नए नहीं हैं।
अब इनका इस्तेमाल केंद्र सरकार कैसे करेगी? इसी तरह वृंदा ग्रोवर ने कहा था कि वकील ने अपने शब्द हेडली के मुंह में ठूंस दिए। इस तरह की आलोचना का जवाब देते हुए निकम ने कहा कि "दुनिया के इतिहास में पहली बार एक विदेशी दहशतगर्द ने किसी दूसरे देश में वीडियो लिंक के माध्यम से अपना दुष्कृत्य कबूला। साथ ही एक दहशतगर्द समूह का पर्दाफाश किया।

प्रोजेक्ट पर छह माह से चल रहा काम
निकम ने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर मैं पिछले छह महीने से काम कर रहा था। हेडली पर कितना विश्वास रखना चाहिए, उसका इस्तेमाल क्या है, हमने इससे क्या हासिल किया है, उसकी गवाही सच क्यों मानी जाए, इस तरह के बेबुनियाद सवाल करने वाले पहले इसे अच्छी तरह से समझे कि यह मामला क्या है।'


खबरें और भी हैं...