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दीक्षा भूमि ‘अ’ वर्ग का पर्यटन स्थल घोषित ब्यूरो

Dainik Bhaskar

Mar 08, 2016, 06:40 AM IST

दीक्षा भूमि के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए नागपुर के जिलाधिकारी ने इसके विकास के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था

नागपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध दीक्षा भूमि को ‘अ’ वर्ग का पर्यटन स्थल घोषित किया गया
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मुंबई/नागपुर. लंबे समय से दीक्षाभूमि को 'ए' क्लास पर्यटन स्थल का दर्जा देने की चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हुई। राज्य सरकार ने दीक्षाभूमि को 'ए' क्लास पर्यटन क्षेत्र का दर्जा देने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह है। शहर के सभी धार्मिक व पर्यटन क्षेत्रों में यह पहला स्थल है, जिसे 'ए' क्लास का दर्जा हासिल हुआ है।
यह दर्जा मिलने से अब दीक्षाभूमि का विकास तीव्र गति से होने की उम्मीद बढ़ गई है। बड़े पैमाने पर निधि मिलने की भी अपेक्षा जताई जा रही है। साथ ही वर्षों से प्रलंबित अनेक विषयों के समाधान का भी दावा किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष सरकार ने दीक्षाभूमि को 'ए' क्लास पर्यटन का दर्जा देने में असमर्थता जताते हुए "ब' वर्ग का दर्जा दिया था। इसके बाद दीक्षाभूमि को शहर से 'ए' क्लास का दर्जा देने की लगातार मांग हो रही थी। अनेक संगठनों ने मांग की थी।
शहरवासियों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जिला िनयोजन समिति (डीपीसी) की बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दीक्षाभूमि का 'ए' क्लास पर्यटन का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया था।
तत्पश्चात महानगरपालिका की आमसभा में भी इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया था। यह प्रस्ताव पारित होने के बाद राज्य सरकार ने दीक्षाभूमि सहित विदर्भ के कुछ तीर्थ व पर्यटन क्षेत्रों को 'ए' क्लास का दर्जा दिलाने के लिए एक समिति गठित की थी।
माना जा रहा है कि समिति ने हाल में एक इन क्षेत्रों के संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंपी है। बताया जाता है कि इसके बाद ही सरकार ने दीक्षाभूमि को 'ए' क्लास दर्जा देने की घोषणा की है।
-अभी तक यह ‘क’ वर्ग का पर्यटन स्थल था।
-सरकार के ताजा फैसले से दीक्षा भूमि का विकास बड़े पैमाने पर हो सकेगा।
-गौरतलब है किसीएम फडणवीस ने भारतरत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 125वीं जयंती वर्ष के अवसर पर दीक्षा भूमि के विकास का ऐलान किया था।
तीव्र गति से होगा विकास
दीक्षाभूमि को 'ए' क्लास दर्जा मिलने से इसके विकास का रास्ता साफ हो गया है। अब तीव्र गति से विकास और कायापलट होगा। विकास कार्यों में सरकार से सहायता मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल का शहरवासियों की तरफ से आभार।
-विलास गजघाटे, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. बाबासाहब आंबेडकर दीक्षाभूमि स्मारक समिति
एेतिहासिक धम्मक्रांति का स्थल
-संविधान निर्माता डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को दीक्षाभूमि पर अपने लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी।
-यह पहला मौका था, जब देश में इतनी बड़ी संख्या में धर्मांतरण हुआ था।
-तब से हर धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस पर यहां लाखों का जनसमुदाय उमड़ा है।
-सरकारी स्तरों पर इसकी तैयारी की जाती है। एक अनुमान के मुताबिक, हर साल 11 लाख से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटक और अनुयायी दीक्षाभूमि पर आते हैं।
-इसे लेकर पिछले दिनों नागपुर जिलाधिकारी, विभागीय आयुक्त की ओर से इस संबंध में राज्य सरकार को प्रस्ताव गया था। जिसके बाद पहले "ब' वर्ग का दर्जा दिया गया था।

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