मुंबई. राज्य के किसानों की मांग के अनुसार खेती-तालाब बनाने के लिए अनुदान देने संबंधी योजना को मंत्रिमंडल ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। इसके तहत खेतों में छोटे तालाब बनाने के लिए किसानों को 50-50 हजार रुपए मिलेंगे। यह अनुदान राशि तालाब निर्माण का कार्य पूरा होने पर किसानों के बैंक खाते में जमा कराई जाएगी।
50 हजार से अधिक खर्च होने पर अतिरिक्त खर्च किसानों को खुद उठाना पड़ेगा। जलसंरक्षण व रोजगार गांरटी योजना मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि आत्महत्याग्रस्त किसान परिवारों व गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। जलयुक्त शिवार योजना के तहत इकट्ठा किए गए पानी को खेतों तक पहुंचाने के लिए यह योजना चलाई जा रही है।
जैविक खेती को बढ़ावा देगी सरकार : जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में परंपरागत कृषि विकास योजना चलाई जाएगी। प्रदेश के कृषि मंत्री एकनाथ खड़से ने बताया कि रासायनिक खाद का इस्तेमाल कम करने की दृष्टि से जैविक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए यह योजना शुरू की जा रही है।
योजना में क्या है खास
-यह योजना पांच वर्ष के लिए होगी।
-सबसे पहले 50 फीसदी से कम उपज वाले गांवों को योजना के दायरे में लाया जाएगा।
-प्रथम चरण में 51 हजार 500 खेती तालाब बनाने का लक्ष्य।
-पहले आवेदन करने वाले किसानों को प्राथमिकता।
-यह योजना कृषि आयुक्तालय के माध्यम से चलेगी।
-समन्वय व समीक्षा के लिए पालकमंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति बनेगी।
-डीएम की अध्यक्षता में भी समिति का गठन होगा।
-वर्ष 2015-16 के लिए 50 करोड़ रुपए आवंटित।
-वर्ष 2016-17 में 207.50 करोड़ रुपए की निधि मदद व पुनर्वसन विभाग उपलब्ध कराएगा।
अमरावती व नागपुर के कपास सोयाबीन उत्पादकों को 365 करोड़
फसल बीमा न निकालने वाले कपास और सोयाबीन उत्पादक किसानों को विशेष नुकसान भरपाई देने का फैसला राज्य मंत्रिमंडल ने लिया है। इसके लिए कुल 1012 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। औरंगाबाद, नाशिक, अमरावती और नागपुर विभाग के फसल बीमा न लेने वाले किसानों को फसल बीमा योजना के मंडल निहाय घोषित मदद की 50 प्रतिशत राशि विशेष मदद के रूप में मिलेगी।
अमरावती और नागपुर विभाग के सोयाबीन फसल उत्पादक किसानों को 365 करोड़ रुपए कुल मिलाकर 1012 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। मंगलवार को कृषि मंत्री एकनाथ खड़से ने बताया कि इस योजना के तहत जो किसान फसल बीमा नहीं करा पाए हैं, उनको भी इसका लाभ मिल सकेगा। औरंगाबाद व नाशिक विभाग के कपास उत्पादक किसानों की मदद के लिए 647 करोड़ और अमरावती और नागपुर विभाग के सोयाबीन फसल उत्पादक किसानों को 365 करोड़ रुपए कुल मिलाकर 1012 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।