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इस कुएं के अंदर बना है महल, पत्थरों से बने हैं गुप्त रास्ते

5 वर्ष पहले
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मुंबई/ सतारा. अपनी टूरिज्म सीरीज के तहत आपको सिलसिलेवार देश के ऐसे टूरिस्ट स्पॉट के बारे में बता रहा है, जो दुनिया भर में अपने इतिहास और खूबसूरती के लिए मशहूर है। इस कड़ी में आज हम आपको महाराष्ट्र के सतारा जिले में स्थित 'बारामोटेची विहीर' के बारे में बता रहे हैं। जानिए आखिर क्या खास है इसमें...
- बारामोटेची विहीर 110 फीट गहरा एक प्राचीन कुआं है। इस कुएं का डायामीटर 50 फीट का है।
- इसका निर्माण 1641 से 1646 के बीच श्रीमंत विरुबाईसाहेब भोसले ने करवाया था।
- कुएं की सबसे ख़ास बात उसके अंदर और ऊपर बना महल है।
- महल के कई गुप्त रास्ते कुएं से महल को जोड़ते हैं, जो पत्थर से बनाए गए हैं।
- कुएं से 12 धाराएं या नहर निकलती है जो इसके पास बने बगीचे तक पानी पहुंचाती है।
- इन 12 धाराओं के नाम पर ही इस कुएं का नाम पड़ा है।
कहां है कुआं...
-यह कुआं सतारा जिले के पास स्थित लिंब गांव में है।
- कुआं अष्टकोणीय है। जो किसी शिवलिंग की तरह नज़र आता है।
- ऐसा कहा जाता है कि इस कुएं का पानी कभी नहीं सूखता है।
- कुएं पर बने महल में आज भी प्राचीन काल के कई लकड़ी के दरवाजे हैं।
(dainikbhaskar.com अपनी टूरिज्म सीरीज (Maharashtra Tourism Places) के तहत ये जानकारी दे रहा है)
शिवाजीकालीन शिल्पकारी...
-कुएं के अन्दर बने महल में 4 खम्बे हैं।
-इन खम्बों पर शिवाजीकालीन शिल्पकारी है।
-वहीं, महल की कई दीवारों पर शेर उकेरे गए हैं।
-इसके अलावा भगवान गणेश, हनुमान के शिल्प यहां मौजूद है।
पत्थर से बना है सिंहासन...
इस महल के अन्दर पत्थरों से बना एक सिंहासन भी मौजूद है।
बताया जाता है कि यहां बैठकर राजा लोगों से मिला करते थे।
इस महल की बनावट ऐसी है कि गर्मी के दिनों में ये ठंडा रहता है और ठंड के दिनों में गर्म।
आगे की स्लाइड्स में देखें कुएं के अंदर बने महल की फोटोज...
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