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अब महाराष्ट्र सरकार सिखाएगी मोतियों की खेती, छोटे तालाब से होगी लाखों की कमाई

यह बात महाराष्ट्र के एग्रीकल्चर मिनिस्टर एकनाथ खड़से ने dainikbhaskar.com के जर्नलिस्ट आदित्य बिड़वई से बातचीत के दौरान बताई।

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2016, 02:50 AM IST
विदर्भ के किसान संजय के खेत में इस तरह मोतियों की खेती होती है। विदर्भ के किसान संजय के खेत में इस तरह मोतियों की खेती होती है।
मुंबई. महाराष्ट्र सरकार अब किसानों को मोतियों की खेती सिखाएगी। किसान अपने खेतों में बने छोटे तालाबों में मोतियों की खेती कर सकेंगे। इस बारे में महाराष्ट्र के एग्रीकल्चर मिनिस्टर एकनाथ खड़से ने dainikbhaskar.com को बताया कि," यह प्रोजेक्ट अभी प्राइमरी स्टेज पर है और हमारी कोशिश है कि इससे छोटे किसानों को फायदा मिले।" उन्होंने बताया कि फिलहाल प्लान को ग्राउंड पर लाने के लिए प्रस्ताव मंगवाया है। जानिए भास्कर से बातचीत में और क्या बताया मिनिस्टर ने...
बैनगंगा नदी के मीठे पानी में होगी खेती...
- खड़से ने बताया कि यह तकनीक बैनगंगा नदी के पानी में फिलहाल सक्सेस है। इस पर एग्रीकल्चर रिसर्च जारी है।
-सीएम देवेन्द्र फडणवीस भी इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाना चाहते हैं। राज्य में कुछ किसान इसकी खेती भी कर रहे हैं।
- महाराष्ट्र के अन्य स्थानों पर इस नदी का पानी पहुंचाना संभव नहीं है, लेकिन इसके लिए उपाय खोजे जा रहे हैं।
- इस प्रोजेक्ट से कई किसानों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
रॉ मटेरियल की दिक्कत...
मोतियों की खेती के लिए मीठे पानी के सीप की जरुरत होती है। ये रॉ मटेरियल मिलना बेहद मुश्किल होता है। रॉ मटेरियल आसानी से मिल सके इसके लिए कोशिश की जा रही है। इन मोतियों की डिमांड मार्केट में अच्छी है, आसानी से खरीददार मिल जाते हैं।
विदर्भ के किसान ने खोजी है तकनीक...

महाराष्ट्र के गड़चिरोली जिले के किसान संजय गन्ताड़े ने इस खेती की तकनीक को खोजा है। संजय भले ही किसान परिवार से हैं, पर उन्होंने लॉ तक की पढ़ाई की है। 10 x 10 के खेत में डिज़ाइनर मोती तैयार कर 11-12 लाख रुपए आसानी से कमा रहे हैं।
जानिए आखिर कैसे करते हैं मोतियों की खेती...
- संजय 10x10 फीट के तालाब में मोतियों की खेती करते हैं।
- सबसे पहले बंद सीपों में खांचे लगाकर उनमें मोतियों का बीज डाला जाता है।
- फिर इन सीपों को बंद कर जाली के सहारे पानी में डाल दिया जाता है।
- कुछ महीनों बाद इनमें मोती तैयार हो जाता है।
- संजय ने बताया कि वे सालभर में करीब 11-12 लाख रुपए आसानी से कमा लेते हैं।
- मोती बनने में 5 से 6 महीनों का वक्त लगता है। (मोतियों की खेती के बारे में पढ़ने यहां क्लिक करें)
आगे की स्लाइड्स में देखें मोतियों के खेती की फोटोज...
इस तरह की खेती बैंन गंगा नदी में ही फिलहाल सक्सेस है। इस तरह की खेती बैंन गंगा नदी में ही फिलहाल सक्सेस है।
खेतों में बनाए जाने वाले तालाब में ये खेती की जा सकती है। खेतों में बनाए जाने वाले तालाब में ये खेती की जा सकती है।
किसान संजय द्वारा बनाए गए डिज़ाइनर मोती। किसान संजय द्वारा बनाए गए डिज़ाइनर मोती।
मोतियों को एक-एक कर इस तरह निकाला जाता है। मोतियों को एक-एक कर इस तरह निकाला जाता है।
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विदर्भ के किसान संजय के खेत में इस तरह मोतियों की खेती होती है।विदर्भ के किसान संजय के खेत में इस तरह मोतियों की खेती होती है।
इस तरह की खेती बैंन गंगा नदी में ही फिलहाल सक्सेस है।इस तरह की खेती बैंन गंगा नदी में ही फिलहाल सक्सेस है।
खेतों में बनाए जाने वाले तालाब में ये खेती की जा सकती है।खेतों में बनाए जाने वाले तालाब में ये खेती की जा सकती है।
किसान संजय द्वारा बनाए गए डिज़ाइनर मोती।किसान संजय द्वारा बनाए गए डिज़ाइनर मोती।
मोतियों को एक-एक कर इस तरह निकाला जाता है।मोतियों को एक-एक कर इस तरह निकाला जाता है।
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