मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में पारदर्शी कर व्यवस्था, सरल लाइसेंसिंग व आसान क्लियरेंस का वादा किया है। शनिवार को यहां ‘मेक इन इंडिया’ सप्ताह की शुरूआत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार पिछली तारीख से कोई टैक्स नहीं लगाएगी।
इस अवसर पर स्वीडन के प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री जुहा सिपिला और जाने-माने बिजनेस लीडर्स भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम का मकसद मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश आकर्षित करना है। नए उद्यमी काम करने व डिलीवरी के नए तरीके अपना रहे हैं। सरकार उन्हें समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्योगपतियों को मेरी सलाह है, ‘इंतजार मत कीजिए। सुस्त मत पड़िए। भारत में बेशुमार मौके हैं।’
उन्होंने कहा कि सरकार सड़क, बंदरगाह, रेलवे, एयरपोर्ट, टेलीकॉम, डिजिटल नेटवर्क और स्वच्छ ऊर्जा में निवेश बढ़ाना चाहती है। सामाजिक योजनाओं व कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर में भी ज्यादा पैसे लगा रहे हैं ताकि लोगों की कमाई बढ़े और उनका जीवन स्तर सुधरे।
पीएम ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’देश का अब तक का सबसे बड़ा ब्रांड है। यह हमें अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। भारत विदेशी निवेश के लिए सबसे ज्यादा खुले देशों में से एक है। मई 2014 में एनडीए सरकार आने के बाद एफडीआई 48% बढ़ा है।
यह ऐसे समय हुआ जब दूसरे देशों में विदेशी निवेश घटा है। साल 2014-15 में भारत ने वैश्विक ग्रोथ में 12.5% योगदान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों में भी बदलाव हो रहे हैं। कारोबारी राह आसान बनाने और इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो रही है। देश की 65% आबादी 35 साल से कम की है। यह हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। एक साल पहले इन्हें स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए ही ‘मेक इन इंडिया’की शुरूआत की गई थी।
कारोबारी मुकदमे जल्द होंगे खत्म : इसके लिए कॉमर्शियल कोर्ट बनाए जा रहे हैं। हाईकोर्ट में भी कॉमर्शियल डिवीजन का गठन हो रहा है। कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल का गठन अंतिम चरण में है। नया पेटेंट कानून जल्दी आने वाला है। बैंकरप्सी कानून भी संसद में है।
महाराष्ट्र पवेलियन में पैठनी साड़ी, कोल्हापुरी चप्पल और बाॅलीवुड : प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र पवेलियन का भी उद्घाटन किया। इस पवेलियन में महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर के दर्शन होते हैं। पवेलियन में घारापुरी की विश्वप्रसिद्ध त्रिमुर्ति शिल्प के अलावा पैठन की साड़ी, कोल्हापुरी चप्पल, वारली चित्रकला का प्रदर्शन किया गया है। प्रधानमंत्री ने यहां पर बालीवुड, एमएमआरडीए, एमआईडीसी की गैलरी को भी देखा। इस पवेलियन में महाराष्ट्र के प्रत्येक जिलों की विशेषता बताने वाले माॅडल बनाए गए हैं।
भारत बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब
इसके लिए ‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’ पर जोर दिया जा रहा है। सरकार जीडीपी में मैन्युफैक्चरिंग की हिस्सेदारी 17 से बढ़ाकर 25% करना चाहती है। एक साल पहले मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ महज 1.7% थी। मौजूदा तिमाही में इसके 12.6% रहने की उम्मीद है।
पहले दिन 22,000 करोड़ रु. के समझौते
-रेमंड इंडस्ट्रीज अमरावती में लिनन और फैब्रिक्स कपड़ों का प्लांट लगाएगी। इस पर 1,400 करोड़ रु. का निवेश होगा।
-स्टरलाइट समूह की कंपनी ट्विनस्टार डिस्प्ले ने एलसीडी यूनिट लगाने का समझौता किया। ताइवान की ओट्रॉन तकनीकी मदद करेगी। इसमें करीब 20,000 करोड़ का निवेश होगा। जगह अभी तय नहीं।
-हिंदुस्तान कोका कोला और जैन इरिगेशन मिलकर विदर्भ में जूस प्लांट लगाएगी। इसपर 750 करोड़ रु. का निवेश हो सकता है।
-भारी मशीनरी बनाने वाली चीन की कंपनी सेनी ने कहा कि 10 साल में 6,800 करोड़ रु. निवेश करेगी। पुणे प्लांट में करीब 700 करोड़ का निवेश कर चुकी है।
हरियाणा के सीएम का रोड शो
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर रविवार को मुंबई में रोड शो करेंगे। उनके साथ उद्योग मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और उद्योग जगत की कई मशहूर हस्तियां भी होंगी। 7 और 8 मार्च को ‘हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट’ होने वाला है। इसके लिए मुख्यमंत्री दिल्ली, कोलकाता और चेन्नई में रोड शो कर चुके हैं।
महाराष्ट्र देश का पावर हाउस है। मुंबई देश की आर्थिक राजधानी तो है ही अब इसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय केन्द्र भी बनाया जा सकता है। यहां देश और विदेश के लोग उपस्थित हैं उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि महाराष्ट्र निवेश के लिए एक उचित स्थान है और हमारी सरकार निवेशकों को हरसंभव मदद करेगी। निवेशक इलेक्ट्राॅनिक ऑनलाइन फार्म भरें और सरकार साठ दिन के अंदर एकल विंडो के तहत व्यापार के लिए अनुमति देगी।-देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
आग की स्लाइड्स में देखें मेक इन इंडिया की PHOTOS...