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मेक इन इंडिया के लिए किराया नहीं देना चाहती एमआईडीसी

5 वर्ष पहले
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मुंबई. महानगर के बांद्रा-कुर्ला काम्प्लेक्स (बीकेसी) के एमएमआरडीए मैदान में शनिवार से शुरू मेक इन इंडिया सप्ताह के आयोजन के लिए एमएमआरडीए को किराए के रूप में कुछ नहीं मिलेगा।
इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाली एमआईडीसी 21 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं करना चाह रही है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिख कर कहा है कि सैकड़ों करोड़ रुपए खर्च कर आयोजित किए जा रहे इस भव्य कार्यक्रम के चलते एमएमआरडीए को 21 करोड़ की चपत नहीं लगनी चाहिए।
आरटीआई कार्यकर्ता गलगली के अपने पत्र में लिखा है कि एमएमआरडीए सरकारी आयोजनों के लिए रियायती दरों पर जमीन किराए पर देती है। मेक इन इंडिया सप्ताह का खर्च भारत सरकार उठा रही है। इस कार्यक्रम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिती में सिर्फ 21 करोड़ का किराया जो सरकार के ही तिजोरी में जानेवाला हैं, उसके भुगतान में आनाकानी करना सही नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि एमएमआरडीए के नियमों के मुताबिक किराए में छूट के लिए एमएमआरडीए को अपनी बैठक में इस आशय का प्रस्ताव लाना होगा और उसे मंजूर करने का अधिकार एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त के पास है। हालांकि अबतक इस आशय का प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ है।
गलगली ने मांग की है कि नियम का उल्लंघन किए बगैर 21 करोड़ रुपए का किराया अदा किया जाना चाहिए ताकि मेक इन इंडिया जैसे भव्य आयोजन की गरिमा बनी रहे।
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