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26/11 मुंबई हमला: पाकिस्तान के पूर्व मंत्री का आरोप, रॉ ने खड़ा किया हेडली को

5 वर्ष पहले
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मुंबई/इस्लामाबाद. मुंबई आतंकी हमले के संबंध में पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली की गवाही बुधवार को तकनीकी खराबी के कारण नहीं हो सकी। अब यह गुरुवार तक के लिए टाल दी गई है। पिछले दो दिनों से लगातार हेडली की गवाही दर्ज हो रही थी।
वह अमेरिकी जेल में बंद है। वहां मुंबई आतंकी हमले (26/11) के सिलसिले में ही उसे 35 साल की जेल की सजा हुई है। सरकारी वकील उज्जवल निकम ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान लिंक में अमेरिका की ओर से तकनीकी खराबी आ गई।
इसलिए कई बार कोशिश करने के बावजूद हेडली से संपर्क नहीं हो पाया। जज जीए सनप ने पहले गवाही एक घंटे के लिए स्थगित की। बाद में उसे अगले दिन के लिए टाल दिया।
पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने बुधवार को हेडली के खुलासे को बकवास करार दिया। इस्लामाबाद में उन्होंने कहा, ‘हेडली को भारत की गुप्तचर एजेंसी ‘रॉ’ ने खड़ा किया है। ताकि मनगढ़ंत बातें की जा सकें। हमारे पास उस हमले का पूरा विवरण है।
हमलावरों की भर्ती किसने की, उन्हें जाने के लिए पैसे किसने दिए। हमलावर वे थे, जिन पर पाकिस्तान का नियंत्रण नहीं था।’
पाकिस्तान को सौंपे जा सकते हैं गवाही से मिले सबूत
राज्य के विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम 26/11 आतंकी हमले के मामले में आतंकी डेविड हेडली की गवाही को बेहद अहम मान रहे हैं। उनका कहना है कि कोर्ट में हेडली के बयान की कानूनी अहमियत है। भारत सरकार चाहे तो सबूत के तौर पर इसे पाकिस्तान को भी सौंप सकती है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में निकम ने कहा कि यह पहली बार है जब शपथ लेकर कोर्ट में किसी आतंकी ने पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और आतंकी संगठनों के बीच साठगांठ की पोल खोली है।
उन्होंने कहा कि मामले की प्राथमिक जांच में साफ हो गया था कि हमला आईएसआई के इशारे पर ही हुआ है और इसमें आतंकी हाफिज सईद की अहम भूमिका है। हालांकि पाकिस्तान इससे इनकार करता रहा है और हमले को नान स्टेट एक्टर्स (सरकार की मंजूरी के बिना काम करने वाले) की करतूत बताता रहा है। लेकिन हेडली ने पाकिस्तान के झूठ को बेपर्दा कर दिया है। उसने साफ बताया है कि किस तरह पाकिस्तानी सेना और आईएसआई पैसे, हथियार व ट्रेनिंग देकर आतंकियों को भारत में हमले के लिए भेजते हैं।
सुनवाई टलने से जिरह के लिए एक घंटा और मिला

तकनीकी खराबी के चलते बुधवार को हेडली की गवाही जारी नहीं रह सकी। अमेरिकी जेल में बंद हेडली की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाही हो रही है। बुधवार को गवाही का लगातार तीसरा दिन था। निकम ने बताया कि हेडली से वीडियो लिंक के जरिए जुड़ने की कोशिश तकनीकी खराबी के चलते नाकाम रही। इसके बाद उन्होंने कोर्ट से आग्रह किया कि गुरुवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान उन्हें सवाल-जवाब के लिए एक घंटे अतिरिक्त दिया जाए, जिसे मंजूर कर लिया गया है।