मुंबई. आगामी 13 फरवरी से शुरू हो रहे मेक इन इंडिया सप्ताह के पहले दिन अमरावती के वरुड तहसील स्थित गव्हाणकुंड में संतरा प्रसंस्करण यूनिट लगाने के लिए करार पत्र पर हस्ताक्षर किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यह कार्य संपन्न होगा।
शीतलपेय बनाने वाली सुप्रसिद्ध कपंनी कोका-कोला 600 करोड़ रुपए की लागत से यह परियोजना लगाएगी। मोर्शी के विधायक डॉ. अनिल बोंडे इसके लिए काफी समय से प्रयासरत थे। दरअसल विदर्भ में बड़े पैमाने पर संतरे का उत्पादन होता है।
इस इलाके में 1.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में संतरे की खेती होती है। लेकिन यहां पैदा होने वाले संतरे में एक तिहाई फल प्रक्रिया के अभाव में खराब हो जाते हैं, जिसे फेंकना पड़ता है। विधानमंडल के नागपुर सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमरावती में संतरा परियोजना लगाए जाने की घोषणा की थी।
110 एकड़ में बनेगा प्रकल्प
अमरावती के गव्हाणकुंड में 110 एकड़ जमीन पर यह परियोजना लगाई जाएगी। कोका-कोला यहां पर संतरे का प्रकल्प तैयार करेगी। इसके लिए 20 हजार हेक्टेयर जमीन पर संतरे का उत्पादन करने वाले किसानों से करार किया जाएगा।
साथ ही यहां पर जैन इरिगेशन की तरफ से सतंरा नर्सरी और संतरा उत्पादकों के प्रशिक्षण के लिए कार्यशाला शुरु किया जाएगा।
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा
विधायक बोंडे ने कहा कि इससे सतंरा उत्पादक किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सकेगा। इस परियोजना के लिए होने वाले करार के वक्त कोका-कोला के सीईओ एरियल फिनान, कोका-कोला इंडिया के दक्षिण एशिया अध्यक्ष टी कृष्ण कुमार भी मौजूद रहेंगे।