मुंबई/ सतारा. सियाचिन के एवलांच में शहीद हुए सतारा जिले के जवान सुनील सूर्यवंशी का इंतज़ार आज भी उनकी पत्नी रेखा कर रही है। रेखा कहती हैं, "इस वेलेन्टाइन डे पर हमारी शादी की तीसरी एनिवर्सरी है और सुनील ने मुझसे वादा किया था कि वो इस बार मुझे सरप्राइज देंगे। मुझे अब भी यकीन है की वो जिंदा हैं।" बता दें कि सुनील की शादी दो साल पहले 14 फरवरी वेलेन्टाइन डे पर ही हुई थी। जानिए किस रेजीमेंट में थे सुनील...
-सुनील 19 मद्रास रेजीमेंट में तैनात थे।
-वे मूलतः आर्मी मेडिकल कॉर्प्स (AMC) से थे।
- उन्हें सियाचिन में तैनात साथी जवानों के मेडिकल ट्रीटमेंट की ज़िम्मेदारी दी गई थी।
- 2012 में उनका आर्मी में सिपाही पद पर रिक्रूटमेंट हुआ था।
- सुनील के माता-पिता किसान थे।
- शुक्रवार को शहीद सुनील का शव गांव में लाया जाएगा।
क्या उम्मीद है जवान की फैमिली को...
-शहीद सुनील के भाई तानाजी ने कहा, "हमें अभी भी आभास हो रहा है कि वह लौटकर आएगा। हमें चमत्कार की उम्मीद है।'
- उन्होंने बताया कि सुनील अपनी एक साल की बेटी से बहुत प्यार करता था।
- सुनील का परिवार हाल ही में बने नए घर में रहने गया था।
सतारा से दूसरा शहीद...
यह दूसरा मौका है जब सतारा जिले का दूसरा सपूत शहीद हो गया। पिछले साल 17 नवंबर को कर्नल संतोष महाडिक कुपवाड़ा जिले में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।
आगे की स्लाइड्स में देखें शहीद सुनील और उनकी फैमिली की फोटोज...