मुंबई. राज्य की आपातकालीन एंबुलेंस सेवा देने के मामले में महाराष्ट्र देश भर के अन्य 17 राज्यों से पीछे है। यह खुुलासा शिवसेना की युवा सेना इकाई के अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने किया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री दीपक सांवत ने भी इस बात को स्वीकार किया है। गुरुवार को राज्य सरकार की एंबुलेंस सेवा को प्रभावी और कारगर बनाने के लिए आदित्य ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में आदित्य ने बताया कि सरकार की एंबुलेंस सेवा को बेहतर बनाने के लिए मैंने स्वास्थ्य मंत्री को सुझाव दिए हैं।
15 दिन में दूर होगी समस्या
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एंबुलेंस सेवा की समीक्षा में कुछ कमियां सामने आई हैं। इन्हें 15 दिनों के भीतर दूर कर लिया जाएगा।
बोट से सेवा पर विचार
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बोट (नाव) के माध्यम से भी एंबुलेंस सेवा देने पर विचार कर रही है। इसमें किसी मरीज को ट्रैफिक या अन्य कारणों से सड़क मार्ग से आने में तकलीफ हो रही हो तो उसे समुद्री मार्ग से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रयोग सफल हुआ तो यह योजना लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आंध्रप्रदेश सहित कई अन्य राज्यों में बोट एंबुलेंस सेवा शुरू है।