मुंबई/कोल्हापुर. भाजपा-शिव सेना का 25 साल पुराना गठबंधन नाजुक दौर में है। विवाद सीट बंटवारे का है। दोनों दल अपने-अपने फॉर्मूले पर अड़े हैं। इससे खफा भाजपा ने गुरुवार को शिव सेना को 12 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया। शिवसेना ने शाम तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया। गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष
अमित शाह के बयान के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। शाह ने सुबह कोल्हापुर में कहा, ‘कोई भी गठबंधन आत्मसम्मान की कीमत पर नहीं हो सकता। दोनों दलों को एकदूसरे का सम्मान करना होगा। दो कदम हम बढ़ें-दो कदम तुम बढ़ो ।’
भाजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा, ‘हमारे नेता सहमति बनाने के लिए शिवसेना से संपर्क कर रहे हैं। लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिल रहा है।’ भाजपा की ओर से कहा गया कि या तो शिवसेना उसके फॉर्मूले पर सहमति दे या गठबंधन टूटने के लिए तैयार रहे। शिवसेना ने आनन-फानन में बैठक बुलाई, पर नतीजा नहीं निकला।
पार्टी नेताओं ने अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दे दिया। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, ‘हम सम्मान से समझौता नहीं करते। शिवसेना किसी का अल्टीमेटम नहीं मानती।’ महाराष्ट्र में 15 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव हैं। नामांकन की आखिरी तारीख 27 सितंबर है।
शिव सेना का फॉर्मूला : (288 सीटें कुल)
-151 पर शिवसेना
-119 पर भाजपा
-18 सीटें गठबंधन के बाकी चार दलों के लिए।
भाजपा का फॉर्मूला
- 135 पर भाजपा लड़े
- 135 पर शिवसेना लड़े
- 18 सीटें गठबंधन के बाकी चार दलों के लिए।
2009 में यह था फॉर्मूला
-169 पर शिवसेना
-119 पर भाजपा
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