पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मराठवाड़ा में आघाड़ी का वर्चस्व, औरंगाबाद जिले में कांग्रेस का वर्चस्व

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
औरंगाबाद. विधानसभा चुनाव में अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को जीत दिलाने के लिए सभी राजनीतिक दलों ने कमर कस ली है। लोकसभा चुनाव में मोदी लहर से उत्साहित भाजपा-सेना युति को आस है कि इस बार कांग्रेस-राकांपा गठबंधन को पछाड़कर 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज कांग्रेस को उखाड़ फेकेंगे। 2009 के चुनाव में मराठवाड़ा की 45 सीटों में से कांग्रेस 19, राकांपा 12, शिवसेना 7, भाजपा 2, मनसे 1 अन्य व निर्दलीय 3 उम्मीदवारों ने चुनाव जीता था। 2014 लोकसभा चुनाव में मराठवाड़ा संभाग की आठ सीटों में से सेना-भाजपा को 3-3 सीटें मिली थीं जबकि पूरे राज्य से कांग्रेस को जो दो सीट मिली। उसमें नांदेड़ और हिंगोली शामिल है।
औरंगाबाद जिले में कांग्रेस का वर्चस्व
जिले की आठ सीटों में से तीन पर कांग्रेस के विधायक हैं जबकि शिवसेना-2, मनसे -1, राकांपा -1, निर्दलीय -1। औरंगाबाद मध्य से निर्दलीय चुने गए विधायक प्रदीप जैस्वाल ने हाल ही में शिवसेना में प्रवेश किया है। विधानसभा से चुने गए मनसे विधायक हर्षवर्धन जाधव ने भी शिवसेना में प्रवेश किया। औरंगाबाद पूर्व से शालेय शिक्षामंत्री राजेंद्र दर्डा की इस बार चौथी बारी होगी। यह चुनाव जितना उनके लिए चुनौतीपूर्ण है, पार्टी के भीतर भी उनका विरोध होने की संभावना है। जिले में भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली थी। लोकसभा की सीट पर शिवसेना के चंद्रकांत खैरे लगातार चौथी बार जीते हैं।

जालना में कांग्रेस-राकांपा को तीन सीट
जालना में 5 सीटों में से कांग्रेस को 1, जबकि राकांपा को 2 सीट मिली थी। शिवसेना को 1 तथा परतूर की सीट पर चुने गए निर्दलीय सुरेश जेथलिया ने हाल ही में कांगे्रस में प्रवेश किया। यहां पर भाजपा ने खाता भी नहीं खोला था। लोकसभा सीट पर भाजपा के रावसाहब दानवे चौथी बार चुनाव जीत कर केंद्र में राज्यमंत्री बने।

परभणी में शिवसेना का बोलबाला
जिले की 4 सीटों में से 2 सीटें शिवसेना को मिली थी जबकि कांग्रेस को 1 और निर्दलीय 1 उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। परभणी शहर से चुने गए शिवसेना के विधायक संजय जाधव ने इस बार लोकसभा चुनाव जीता। परभणी में भाजपा का पलड़ा कमजोर नजर आ रहा है।

हिंगोली कांग्रेस का किला
हिंगोली में 3 सीटों में से 2 कांग्रेस के पाले में हैं जबकि 1 सीट राकांपा के पास है। कलमनुरी के विधायक राजीव सातव इस बार लोकसभा में चुने गए। जिले में शिवसेना और भाजपा का अस्तित्व न के बराबर है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री सूर्यकांता पाटील ने राकांपा को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है।

नांदेड़ जिला कांग्रेस का
नांदेड़ में 9 सीटों में से 6 कांग्रेस के पास हैं जबकि 2 सीटें राकांपा के पास हैं। निर्दलीय 1 उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। यहां पर शिवसेना भाजपा का अस्तित्व न के बराबर है। मुख्य विधायकों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कद्दावर नेता माने जाते हैं। वे सांसद चुने गए हैं। चव्हाण के बहनोई कांग्रेस नेता भास्करराव खातगांवकर ने हाल ही में भाजपा में प्रवेश लिया है।

उस्मानाबाद में शिवसेना
जिले में 4 सीटों में से 2 सीटें शिवसेना के पास हैं जिसमें कांग्रेस और राकांपा को 1 -1 सीट पर जीत हासिल हुई थी। तुलजापुर से कांग्रेस टिकट पर चुने गए मधुकरराव चव्हाण अब कैबिनेट मंत्री हैं। लोकसभा सीट पर शिवसेना ने जीत हासिल की है।