(इमू पक्षी)
मुंबई. हाल ही में मुंबई हाईकोर्ट ने इमू (पक्षी) के पालन के लिए कर्ज लेने वाले किसानों की ऋण माफी की मांग को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। याचिका में दावा किया गया है कि इमू फार्मिंग के लिए किसानों ने सरकार की योजना के तहत कर्ज लिया था। लेकिन उन्हें इसमें भारी नुकसान हुआ है। लिहाजा सरकार उनके कर्ज को मांफ करे। गौरतलब है कि भारत में कई प्रदेशों में इमू पक्षी को पाला जाता है। इन पक्षियों के माध्यम से कई किसानों को अच्छी आमदनी भी होती है। इन पक्षियों का पालन कैसे होता है और यह उद्योग किस तरह आपके लिए आमदनी का स्त्रोत बन सकता है इस बारे में dainikbhaskar.com आपको बता रहा है।
क्या है इमू
इमू मूलतः ऑस्ट्रलियन पक्षी है। जमीन पर रहता है और उड़ नहीं सकता। इसकी उम्र 25 से 35 वर्ष की होती है और हर सीजन में 20 से 50 अंडे देता है। अंडा हरे रंग का और आकार में बड़ा होता है।
भारत में कब आया
इमू सर्वप्रथम 1996 में भारत में लाया गया था। ऑस्ट्रेलिया से इसे खासतौर पर व्यावसायिक पालन के लिए लाया गया। आंध्रप्रदेश के काकीनाडा में सबसे पहले इन्हें पालने के लिए फार्म लगाया गया था।
किस तरह करा सकता है आपकी कमाई
भारत में इमू व्यवसाय खूब फल-फूल रहा है। यदि आप इमू पालते हैं, तो यह आपकी कमाई का अच्छा जरिया बन सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसका अंडा शहरों में 1200-1500 रुपए में बिकता है। इसका मीट 400-450 रुपए प्रति किलोग्राम बिकता है, जो लो फैट मीट होता है। फैट का उपयोग कॉस्मेटिक और डाइटरी सप्लीमेंट्स बनाने के लिए किया जा सकता है।
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