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भाजपा-शिवसेना के रिश्तों में आ रही खटास दूर करने बनी समन्वय समिति

6 वर्ष पहले
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मुंबई. भाजपा व शिवसेना के रिश्तों में दिन प्रतिदिन आ रही खटास को खत्म करनेे के लिए समन्वय समिति गठित कर दी गई है। चार सदस्यों वाली इस समिति में दोनों दलों के दो-दो नेताओं को शामिल किया गया है। भाजपा की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे व पीडब्लूडी मंत्री चंद्रकांत पाटील इस समिति में होंगे। शिवसेना की ओर से उद्योग मंत्री सुभाष देसाई और सांसद अनिल देसाई को शामिल किया गया है।
सूत्रों के अनुसार दो दिन के भीतर समन्वय समिति की पहली बैठक होगी। सूत्रों के अनुसार इस समिति में अभी दोनों तरफ से और एक-एक नेता को शामिल किया जाएगा। भाजपा की ओर से शिक्षामंत्री विनोद तावडे और शिवसेना की तरफ से दिवाकर रावते को समन्वय समिति में शामिल किया जा सकता है। कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौरान भी इस तरह की समन्वय समिति बनी थी।
हालांकि राकांपा को हमेशा इस बात को लेकर शिकायत रहती थी कि तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण समन्वय समिति की बैठक ही नहीं बुलाते। आघाडी सरकार के दौरान गठित कांग्रेस-राकांपा की समन्वय समिति के विपरीत भाजपा-शिवसेना युति की समन्वय समिति में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को शामिल नहीं किया गया है।
जरूरत क्यों पड़ी
राज्य सरकार के 100 दिन का कार्यकाल पूरा होते-होते दोनों सहयोगी दलों के बीच कई मसलों पर मतभेद सामने आए हैं। इस तरह की दिक्कतों को दूर करने के लिए पिछले दिनों भाजपा ने समन्वय समिति बनाने का फैसला लिया था। दिल्ली विधानसभा में चुनाव में भजपा को मिली हार और राज्यमंत्रियों के अधिकारों को लेकर दोनों दल आमने-सामने आ गए हैं। ऐसी स्थिति में दोनों दलों को तुरंत समन्वय समिति बनाने की जरूरत महसूस हुई।