मुंबई. महाराष्ट्र में अगर भाजपा-शिवसेना का गठबंधन टूटा तो यूपीए (कांग्रेस-एनसीपी) फिर सत्ता में लौट आएगा। जबकि, भाजपा और शिवसेना 50 का आंकड़ा भी नहीं छू सकेंगी। राज्य में कुल 288 सीटें हैं। इंडिया न्यूज-द संडे गॉर्जियन-सी-वोटर सर्वे में यह बात उभर कर आई है। सर्वे सितंबर के दूसरे हफ्ते में हुआ।
उधर एनसीपी को कांग्रेस के जवाब का इंतजार
महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की तरह एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन भी अधर में है। विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 27 सितंबर है और एनसीपी अभी कांग्रेस के जवाब के इंतजार में है। एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा, ‘हमने सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस को स्थिति साफ करने को कहा है। लेकिन अभी तक कोई जवाब या प्रस्ताव नहीं मिला है।
उम्मीद है कि एक-दो दिन में वह हमें बातचीत के लिए बुलाएगी। वैसे, हमने अपनी चुनाव तैयारियां पूरी कर ली हैं।’ उधर, एनसीपी के ही सीनियर नेता छगन भुजबल ने कहा, ‘राज्य में सभी दलों को अलग-अलग चुनाव लड़ना चाहिए।' ताकि वे अपनी ताकत आजमा सकें।’ भुजबल से पहले एनसीपी के अजित पवार भी ऐसा ही बयान दे चुके हैं।
अगर भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटा
175 कांग्रेस-एनसीपी
47 भाजपा, 36 शिवसेना
30 अन्य
अगर भाजपा और मनसे गठबंधन कर लें
140 कांग्रेस-एनसीपी
107 भाजपा-मनसे
29 शिवसेना, 12 अन्य
अगर एनडीए गठबंधन
कायम रहा
198 शिवसेना-भाजपा
64 कांग्रेस-एनसीपी, 26 अन्य