मुंबई. पत्नी को धोखा देकर दो और शादियां करने वाले एक व्यापारी को अदालत ने आदेश दिया है कि वह अपनी पहली पत्नी को रहने के लिए घर के अलावा गुजारा भत्ता भी दे। व्यापारी की दो पत्नियों ने अदालत के सामने ऐसे सबूत पेया किये जिससे व्यापारी का बच पाना मुश्किल हो गया। दोनों ने अदालत को ऐसी तस्वीरें और सबूत मुहैया कराए जिससे साफ हो गया कि व्यापारी ने पहली पत्नी के होते हुए दो और शादियां की थीं। हालांकि ये कानूनन वैध नहीं थीं। व्यापारी ने यह कह कर बचने की कोशिश की कि उसकी पहली पत्नी और तीसरी पत्नी ने आपस में समझौता किया है। लेकिन पारिवारिक अदालत के न्यायाधीश प्रसाद पालसिंगनकर को इसमें कुछ भी गलत नहीं लगा।
न्यायाधीश ने कहा कि यहां एक ऐसा शख्स है जिसने एक साथ तीन महिलाओं ने संबंध रखे और उनसे शादी का वादा कर धोखा दिया। न्यायाधीश ने अपने फैसले में व्यापारी को आदेश दिया कि वह अपनी पहली पत्नी को महीने 20 हजार और बेटी को हर महीने 10 हजार रुपए गुजारा भत्ते के रूप में दे। इसके अलावा उनके रहने के लिए एक अलग फ्लैट भी खरीदकर दे।
क्या है मामला
व्यापारी ने 2005 में महिला से शादी की थी। शादी के एक साल बाद महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। लेकिन तीन साल बाद दोनों में विवाद हो गया और महिला ने अदालत में गुजारा भत्ते की मांग करतेे हुए अर्जी दायर की। इसके बाद व्यापारी ने महिला पर झगड़ालू प्रवृत्ति की होने का आरोप लगाते हुए तलाक की अर्जी दे दी। महिला ने यह भी आरोप लगाया था कि व्यापारी ने उसे लिंग जांच कराने और बेटी होने पर गर्भपात कराने को कहा था। यही नहीं उसे रिवाल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई थी। व्यापारी का दावा था कि महिला ने पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत नहीं दर्ज कराई। लेकिन न्यायाधीश ने कहा कि अगर पुलिस स्टेशन में शिकायत नहीं दर्ज कराई गई इससे यह नहीं साबित होता की महिला झूठ बोल रही है।
व्यापारी का दावा था कि उसने महिला को वापस घर आने के लिए खत लिखा था। लेकिन अदालत ने सवाल किया कि आखिर बेटी के जन्म के बाद व्यापारी एक पिता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बेटी को देखने क्यों नहीं गया। वह खत लिख रहा था इससे साफ होता है कि उसकी दिलचस्पी महिला के खिलाफ सबूत इकठ्ठा करने में थी।