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मिलिए महाराष्ट्र के अब तक के मुख्यमंत्रियों से, जानें किसने कितने साल किया राज

7 वर्ष पहले
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(महाराष्ट्र के वर्तमान मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, कार्यकाल 11 नवंबर 2010 से अब तक)
मुंबई. महाराष्ट्र में पिछले 54 वर्षों में 17 मुख्यमंत्री बने जिनमें से अधिकांश कांग्रेस के रहे हैं। 50 वर्ष तक मुख्यमंत्री पद कांग्रेस के पास था, लेकिन सरकार में मराठा छत्रप शरद पवार का दबदबा रहा। विदर्भ से 3 मुख्यमंत्री बने जबकि सबसे अधिक 6 मुख्यमंत्री पश्चिम महाराष्ट्र से रहे। राज्य में एक बार 1978 में राष्ट्रपति शासन भी लगा। पिछले 54 वर्षों में 17 मुख्यमंत्री देख चुके महाराष्ट्र में इस बार मुख्यमंत्री पद का मुद्दा भी गर्माया है। मुख्यमंत्री पद को लेकर ही राजनीतिक दलों के गठबंधनों की गांठ सरकती रही है। अब तक सबसे अधिक मुख्यमंत्री कांग्रेस से हुए।
54 वर्षों का राजनीतिक घटनाक्रम देखें तो राज्य में मुख्यमंत्री पद अक्सर चुनाव के समय चर्चा में रहा है। 50 वर्ष तक मुख्यमंत्री पद कांग्रेस के पास रहा है। 1995 से 1999 तक भाजपा-सेना युति की सरकार थी। इस दौरान दो मुख्यमंत्री हुए। 1978 में कांग्रेस से अलग होकर शरद पवार ने पुलोद सरकार का नेतृत्व किया था। पवार की सरकार को गैर कांग्रेसी नहीं माना गया। ज्यादातर कांग्रेस संस्कृति के ही मंत्री थे। अब तक राज्य में 17 मुख्यमंत्री हुए हैं। यशवंतराव चव्हाण पहले मुख्यमंत्री थे। 1 मई 1960 से 1962 तक श्री चव्हाण मुख्यमंत्री रहे। चीन के साथ युद्ध के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने श्री चव्हाण को केंद्र की राजनीति में ले जाकर रक्षामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी। दूसरे मुख्यमंत्री मारोतराव कन्नमवार का वर्ष भर में ही पद पर रहते हुए निधन हो गया। कन्नमवार का निधन सरकारी आवास में हुआ था। इसलिए उनके बाद मुख्यमंत्री बने वसंतराव नाईक ने अपना आवास ही बदल लिया। वे वर्षा बंगले में रहने लगे। तभी से महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री का अधिकृत सरकारी बंगला वर्षा है।

राष्ट्रपति शासन

राज्य में राष्ट्रपति शासन भी रहा। 1978 में पहली गैर कांग्रेसी सरकार अस्तित्व में आई थी। शरद पवार ने पुलोद सरकार का नेतृत्व किया। उसे बर्खास्त कर समय पूर्व विधानसभा चुनाव कराया गया था। 17 फरवरी 1980 से 9 जून 1980 तक राष्ट्रपति शासन रहा।

पवार का रहा दबदबा

राज्य में अधिक समय तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन शरद पवार का दबदबा रहा। आपातकाल के बाद वे 4 बार मुख्यमंत्री बने। 38 वर्ष की उम्र में वे मुख्यमंत्री बने थे। खास बात यह रही कि पवार कभी भी 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए। शिवाजीराव निलंगेकर तथा नारायण राणे का कार्यकाल काफी कम रहा। निलंगेकर 3 जून 1985 से 6 मार्च 1986 तथा राणे 1 फरवरी 1999 से 17 अक्टूबर 1999 तक मुख्यमंत्री रहे।

केंद्र में पहुंचे मुख्यमंत्री

राज्य के मुख्यमंत्री केंद्र की राजनीति में भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे। यशवंतराव चव्हाण उपप्रधानमंत्री, गृह, रक्षा, वित्त तथा विदेश मंत्री रहे। शंकरराव चव्हाण, शरद पवार, एआर अंतुले, सुशील कुमार शिंदे, मनोहर जोशी तथा विलासराव देशमुख केंद्र में मंत्री बने। मनोहर जोशी लोकसभा के अध्यक्ष रहे। पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री बनने से पहले केंद्र में मंत्री थे।

असंतोष की चुनौती

ज्यादातर मुख्यमंत्री को सत्ता कायम रखने के लिए पार्टीगत असंतोष की चुनौती का सामना करना पड़ा। यशवंतराव चव्हाण, मारोतराव कन्नमवार, वसंतराव नाईक, शंकरराव चव्हाण, बाबासाहब भोसले को छोड़कर अन्य मुख्यमंत्रियों को सत्ता कायम रखने के लिए कसरत करनी पड़ी। शरद पवार को सबसे अधिक कांग्रेस से ही चुनौती मिली। युति सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर जोशी तथा नारायण राणे भी पार्टीगत चुनौती से अछूते नहीं रहे। डेढ़ दशक से आघाड़ी सरकार की सत्ता कायम रखने के लिए मुख्यमंत्री बदलते रहे। इस दौरान विलासराव देशमुख, सुशीलकुमार शिंदे, अशोक चव्हाण तथा पृथ्वीराज चव्हाण मुख्यमंत्री बने।

पद से हटाए

दो दशक में ज्यादातर मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए हटाए गए। 1991 में रक्षामंत्री बनाए जाने पर शरद पवार को मुख्यमंत्री पद छोडऩा पड़ा था। 1993 में मुंबई दंगे की गाज सुधाकर नाईक पर गिरी। जिम्मेदारी नहीं निभाने के आरोप में उन्हें मुख्यमंत्री पद छोडऩा पड़ा। शिवसेना प्रमुख की नाराजगी के कारण मनोहर जोशी को मुख्यमंत्री पद छोडऩा पड़ा था। नारायण राणे ने 9 माह में ही पद छोड़ दिया था। मुंबई में आतंकी हमला विलासराव देशमुख के मुख्यमंत्री पद छोडऩे का कारण बना। अशोक चव्हाण को आदर्श घोटाले के आरोप ने पदमुक्त कर दिया गया। पुत्री के अंक घोटाले के आरोप में शिवाजीराव निलंगेकर को पद छोडऩा पड़ा था। एआर अंतुले को भी एक संस्था के विवाद के कारण पदमुक्त होना पड़ा था।

विदर्भ से 3

विदर्भ से 3 मुख्यमंत्री बने। मारोतराव कन्नमवार, वसंतराव नाईक तथा सुधाकरराव नाईक यहां से थे। सबसे अधिक 6 मुख्यमंत्री प. महाराष्ट्र के बने जिनमें यशवंतराव चव्हाण, वसंतदादा पाटील, शरद पवार, बाबासाहब भोंसले, सुशीलकुमार शिंदे तथा पृथ्वीराज चव्हाण शामिल हैं।
मराठवाड़ा से शंकरराव चव्हाण, शिवाजीराव निलंगेकर, विलासरराव देशमुख तथा अशोक चव्हाण मुख्यमंत्री बने। कोंकण से एआर अंतुले, मनोहर जोशी और नारायण राणे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजित हुए।
कार्यकाल पर नजर
सिर्फ वसंतराव नाईक ने 5 वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। वे सबसे अधिक 11 वर्ष 2 माह 18 दिन तक मुख्यमंत्री रहे।
वसंतराव नाईक के भतीजे सुधाकरराव नाईक भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने।
अब तक एक भी महिला मुख्यमंत्री नहीं बनी।
शंकरराव चव्हाण व उनके पुत्र अशोक चव्हाण मुख्यमंत्री बने।
अब तक 17 मुख्यमंत्री हुए। पश्चिम महाराष्ट्र से 6, मराठवाड़ा से 4, विदर्भ से 3 व कोंकण से 3 मुख्यमंत्री हुए।
शरद पवार 4, वसंतदादा पाटील 3, तथा शंकरराव चव्हाण और विलासराव देशमुख 2-2 बार मुख्यमंत्री रहे।
नारायण राणे सबसे कम 9 माह 18 दिन मुख्यमंत्री रहे।
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