मुंबई । चिल्ड्रेन फिल्म सोसाईटी आॅफ इंडिया (सीएफएसआई) जिला परिषद व महानगरपालिका स्कूलों के बच्चों को अब पुरस्कृत विदेशी फिल्में दिखाएगी। इसके लिए सीएफएसआई ने 9 विदेशी फिल्मों के अधिकार खरीदे हैं। विदेशी भाषाओं वाली इन फिल्मों को हिंदी, मराठी सहित सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में डब किया जा रहा है।
आगामी 1 अप्रैल से इन फिल्मों का प्रदर्शन बच्चों के लिए किया जाएगा। देश में बाल फिल्मों को प्रोत्साहन देने के लिए देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1955 में सीएफएसआई कि स्थापना की थी। सीएफएसआई हर साल देशभर के सरकारी स्कूलों के बच्चों को खासतौर से बच्चों के लिए बनाई गई फिल्में दिखाता है। जिलाधिकारी के माध्यम से स्कूलों का चयन कर बच्चों को ये फिल्में मुफ्त में दिखाई जाती हैं। सीएफएसआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रवण कुमार ने भास्कर को बताया कि सीएफएसआई बाल फिल्म महोत्सव का आयोजित करता रहता है।
2013 में
हैदराबाद में हुए अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव गोल्डन एलीफेंट अवार्ड में 75 देशों से 894 प्रविष्ठियां आई थी। हैदराबाद बाल फिल्म महोत्सव के अलावा टोरंटो, दोहा व दुबई बाल फिल्म फेस्टिवल में पुरस्कृत फिल्मों को हम देशभर के बच्चों को दिखाना चाहते हैं। इसके लिए हमनें ऐसी 9 फिल्मों के अधिकार इनके निर्माताओं से खरीदे हैं। इन दिनों इन विदेशी फिल्मों को हिंदी, मराठी, तमिल, तेलगु, गुजराती आदि भारतीय भाषाओं में डब करने का कार्य किया जा रहा है। आगामी 1 अप्रैल से महाराष्ट्र सहित देशभर के स्कूली बच्चों को यह फिल्में दिखाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि चिल्ड्रेन फिल्म सोसाईटी पिछले तीन सालों से हर साल तीन बाल फिल्में बना रहा है।
कमजोर है बाल फिल्मों का बाजार
उन्होंने माना कि भारत में बाल फिल्मों का बाजार नहीं बन सका है। इसका कारण यह है कि बड़े फिल्म निर्माता बाल फिल्में बनाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। सीएफएसआई हर साल फिल्म निर्माताओं से बाल फिल्में बनाने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है। लेकिन जानेमाने फिल्म निर्माता इसके लिए आगे नहीं आते। उन्होंने बताया कि बाल फिल्मों के लिए वितरक भी नहीं मिलते। इसके बावजूद सीएफएसआई बच्चों के लिए अच्छी फिल्में बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। हमनें बाल फिल्मों की प्रोडक्शन गुणवत्ता बढ़ाई है।
जयपुर में होगा बाल फिल्म महोत्सव
इस साल 14 नवंबर से सीएफएसआई द्वारा आयोजित बाल फिल्म महोत्सव शुरू होगा। इसके लिए फिलहाल दो जगहों का चयन किया गया है। जयपुर अथवा अहमदाबाद में से किसी एक जगह पर यह आयोजन किया जाएगा। इस बारे में अंतिम फैसला सूचना प्रसारण मंत्रालय लेगा।