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डाउनलोड करेंमुंबई. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय निकाय कर (एलबीटी) के मुद्दे पर पार्टी मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के साथ है। कैबिनेट के बैठक से पूर्व हुई बैठक में कांग्रेस के मंत्रियों से एलबीटी को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि एलबीटी को वापस नहीं लिया जाएगा और राकांपा की मांग के अनुसार इस मसले पर कोई समिति गठित नहीं की जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे ने कहा कि एलबीटी और कॉलेज शिक्षकों के हड़ताल के मसले पर पार्टी पूरी तरह से मुख्यमंत्री के साथ है क्योंकि यह फैसले जनहित से जुड़े हैं। बता दें कि उत्तर मुंबई के सांसद गुरुदास कामत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एलबीटी पर पुनर्विचार की मांग की थी।
बुधवार को कैबिनेट की बैठक से पूर्व कांग्रेस मंत्रियों की बैठक में वस्त्रोद्योग मंत्री नसीम खान ने यह मसला उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एलबीटी लागू करने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है। 2012 में फैसला लिया गया तब इसका विरोध क्यों नहीं किया गया। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री चव्हाण उपमुख्यमंत्री अजित पवार व प्रदेश राकांपा अध्यक्ष मधुकरराव पिचड़ की मांग पर एलबीटी के लिए कोई समिति गठित नहीं करेंंगे।
जनता को परेशान न करें व्यापारी : मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यालय से जारी बयान में कहा गया है कि मुंबई महानगरपालिका की सर्वसाधारण सभा में चुंगी की जगह पर एलबीटी लगाने का निर्णय लिया गया था।
मनपा के बजट में भी इसका प्रावधान किया गया था। अचानक एलबीटी का विरोध शुरू कर व्यापारी आम जनता को परेशान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने व्यापारियों को नसीहत दी है कि व्यवसाय करें राजनीति नहीं। बयान में कहा गया है कि एलबीटी से व्यापारियों को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। इसको लेकर व्यापारियों को जो-जो परेशानी होगी। उसको लेकर सरकार चर्चा को तैयार है। लेकिन इस तरह दुकानें बंद कर जनता को परेशान करना योग्य नहीं है।
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