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एशिया का सबसे बड़ा स्लम अब बन रहा है विदेशियों के लिए टूरिस्ट स्पॉट

7 वर्ष पहले
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(मुंबई के स्लम एरिया धारावी में बच्चों के साथ डांस करती विदेशी युवती।)
मुंबई. 500 एकड़ से भी ज्यादा विस्तृत क्षेत्र में फैला धारावी एशिया के सबसे बड़े स्लम (झुग्गी बस्ती) के रुप में जाना जाता है। यह आज भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। दुनिया भर के पर्यटक यहां के रहन-सहन का अध्ययन करने आते हैं। धारावी में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या कभी-कभी गोआ कार्निवल और खजुराहो के मंदिर देखने वालों को भी पार कर जाती है।
यूं तो भारत में हजारों पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें देखने लाखों विदेशी पर्यटक हर साल हमारे देश में आते हैं, पर इन दिनों स्लम टूरिज्म खूब फल-फूल रहा है। स्लम टूरिज्म भारत में नए पर्यटन स्थल के रूप में तेजी से उभर रहा है। उसमें सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक सिर्फ मुंबई में विश्व की सबसे बड़े स्लम एरिया को देखने आ रहे हैं। कई विदेशी पर्यटक इस गंदी बस्ती में लोग जानवरों की तरह कैसे रहते हैं इसे देखने के लिए भारत और खास तौर से मुंबई आते हैं।
धारावी की पहचान देश से बाहर पूरी दुनिया तक फैली हुई है। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक को इस घनी झुग्गी बस्ती ने आकर्षित किया है। मुंबई शहर के बीचोंबीच स्थित एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती करीब 500 एकड़ जमीन पर बसी है।
स्लमडॉग मिलियनेयर फिल्म और धारावी की झुग्गी-झोपड़ी

मुंबई के धारावी एरिया को एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी के नाम से जाना जाता है। कुछ साल पहले इस इलाके में स्लमडॉग मिलियनेयर फिल्म की शूटिंग हुई थी, जिसे ऑस्कर पुरस्कार मिला था।
फिल्मकार रोहित शेट्टी ने कहा
शनिवार शाम देश के जाने-माने फिल्मकार रोहित शेट्टी ने एक टीवी शो में कहा कि जब वह विदेश जाते हैं तो लोग उनसे मुंबई के इस नए टूरिस्ट स्पॉट के बारे में जरूर पूछते हैं। तब उन्हें बड़ा दुख होता है।
क्या है धारावी
मुंबई के माहिम स्टेशन के पास बसा यह विश्व का सबसे बड़ा स्लम एरिया लगभग 1.75 वर्ग किलोमीटर में बसा है। मुंबई महानगर पालिका के आंकड़ों के अनुसार यहां करीब एक लाख लोग रहते हैं पर कहा जाता है कि इस इलाके में सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक लोग रहते हैं। यहां पूरे देश के गरीब लोग अपने परिवार के साथ रहते हैं। स्लम टूरिज्म भारत में नए पर्यटन स्थल के रूप में तेजी से उभर रहा है,जिसको देखने हजारों विदेशी पर्यटक हर साल भारत आ रहे हैं।
कैसे रहते हैं लोग
बताया जाता है कि मुंबई की धारावी स्लम एरिया में एक छोटे ले कमरें में पांच से सात या इससे अधिक लोग रहते हैं। आस-पास के इलाकों में मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले इन लोगों की जिंदगी किसी नरक में रहने से कम नहीं है।
बड़े-बड़े कारोबार भी चलते हैं
कहां जाता है धारावी को मुंबई का एक संगठित गिरोह चला रहा है। यहां पर वह हर चीज आपको मिल जाएगी जो पूरे मुंबई में कहीं नहीं मिलेगी। यहां के समीप ही एक नाला है जो यहां के लोगों का जीवन और ज्यादा नारकीय बना देता है।
विदेशी लोगों की पहली पंसद
जानवरों की तरह इंसान यहां कैसे रहते हैं इसे देखने हजारों विदेशी पर्यटक धारावी में आते हैं। कई विदेशी कंपनियां धारावी घूमाने के लिए खास पैकेज और टूरिस्ट गाइड भी इन विदेशी पर्यटकों को उपलब्ध करा रही हैं।
आगे की स्लाइड में देखें विदेशी पर्यटकों को पसंद आ रहा है धारावी