मुंबई. लंदन में स्थित डा. बाबासाहब आंबेडकर के घर को खरीदने के लिए राज्य सरकार लगभग 37 करोड़ रुपए खर्च करेगी। घर खरीदी और उसके बाद की देखरेख का सारा खर्च राज्य सरकार ही उठाएगी। बुधवार को यह जानकारी सामाजिक न्याय राजकुमार बडोले ने दी। मंत्रालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बाबासाहब के घर को खरीदने की प्रक्रिया को पूरी करने के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर दी है।
सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी लंदन स्थित उच्चायुक्त के साथ तालमेल करके घर खरीदने की प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद इस घर को 14 अप्रैल के दिन आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। बडोले ने कहा कि घर खरीदने के बाद उसका सारा खर्चा राज्य सरकार ही वहन करेगी।
इसके लिए निधि की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि घर की देखरेख का सालाना खर्च 61 लाख रुपए आएगा। यहां पर विद्यार्थियों को भी रहने दिया जाएगा। इससे लगभग 22 लाख रुपए सरकार को मिलेंगे। इसके अलावा भारत से लंदन में अध्ययन करने के लिए जाने वाले लोग भी वहां पर रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संभवत: यह पहला मौक होगा कि कोई प्रदेश की राज्य सरकार भारत से जुड़े व्यक्ति का विदेश में स्थित घर को खरीदेगी। सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि घर खरीदने के बाद उसको संग्रहालय का रूप दिया जाएगा। इसमें लाइब्रेरी तैयार की जाएगी। इसके साथ ही बाबासाहब से जुड़ी अन्य वस्तुओं को भी रखा जाएगा।
निधि खर्च पर नया कानून
बडोले ने बताया कि सामाजिक न्याय विभाग एक कानून बनाने जा रहा है। इससे अनुसूचित जाति के लिए मिलने वाली निधि को खर्च करने की बाध्यता रहेगी। उन्होंने कहा कि कई बार अनुसूचित जाति के लिए खर्च करने वाली निधि खर्च नहीं हो पाती है। इसलिए मजबूरन सरकार को उसको वापस ले लेना पड़ता है।
पूर्व मंत्री मोघे के पीए की होगी जांच
बडोले ने साफ किया कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस सरकार में सामाजिक न्याय मंत्री रहे शिवाजीराव मोघे के पीए की भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों को लेकर सरकार जांच कराएगी। मोघे के पीए पर करोड़ रुपए का भ्रष्टाचार का आरोप है। यह मामला एसीबी के पास है। लेकिन राज्य मंत्री ने अभी तक इसको संज्ञान में नहीं लिया है।