एक दिवसीय क्रिकेट के 11वें विश्वकप की शुरुआत के समय अपने विश्व चैंपियन खिताब की रक्षा कर पाने की महेंद्रसिंह धोनी की टीम की क्षमताओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। हाल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के साथ त्रिकोणीय शृंखला में उसके खराब प्रदर्शन ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के उत्साह पर पानी फेर दिया है। बेअसर गेंदबाजी सबसे बड़ी चिंता है। बल्लेबाज भी कुल-मिलाकर औसत प्रदर्शन ही कर पाए हैं। टीम लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया में है। इससे खिलाड़ियों को वहां के वातावरण में ढलने का मौका तो मिला, लेकिन क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट से पहले वे थके-हारे नजर आने लगे हैं। फिर टीम में सचिन, सहवाग, युवराज, जहीर, हरभजन आदि जैसे मैच जिताने वाले खिलाड़ी नहीं हैं। मौजूदा टीम में
विराट कोहली, कप्तान महेंद्रसिंह धोनी और एक हद तक अंजिक्य रहाणे ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनसे हर माहौल और परिस्थिति में समान प्रदर्शन की अपेक्षा की जा सकती है। इसके विपरीत ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमें मैच का नक्शा बदलने में सक्षम खिलाड़ियों से भरपूर हैं। न्यूजीलैंड की टीम ने हाल में जैसा शानदार प्रदर्शन किया है, उसके कारण उसे भी वर्ल्ड कप के दावेदारों में गिना जा रहा है।
उनके मुकाबले अपनी टीम को रखें तो इस मौके पर यह कहना दुस्साहस लगता है कि 29 मार्च को मेलबर्न में फाइनल मैच खेलने वाली एक टीम भारत होगी और वो वह करिश्मा दोहरा पाएगी, जो 2 अप्रैल 2011 को उसने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में चैंपियन बनकर दिखाया था। बहरहाल, खेल-प्रतिस्पर्धाएं कभी पूर्व-लिखित पटकथा के मुताबिक आगे नहीं बढ़तीं। 2003 के विश्व कप से पहले भी भारतीय टीम को लेकर मायूसी थी, मगर दक्षिण अफ्रीका के मैदानों पर उतरते ही उसने अपना पुन: अविष्कार किया और फाइनल तक पहुंची। ऐसा करने की क्षमता और संभावनाओं से वर्तमान टीम भी परिपूर्ण है। परसों भारत अपना पहला मैच एडिलेड में पाकिस्तान से खेलेगा। पाक टीम भी समस्याग्रस्त है। इसके अलावा वर्ल्ड कप में उससे अपराजेय रहने के के कारण मनोवैज्ञानिक बढ़त भारत के साथ होगी। यानी भारत के पास बेहतरीन शुरुआत का मौका है। ऐसा हुआ तो टीम के लिए नए मनोबल के साथ देश की उम्मीदों को पूरा करने की तरफ बढ़ना संभव हो सकता है। क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है, जो कई बार मैदान पर सिद्ध हो चुका है। यही इस खेल की खासियत भी है। इसमें एक मैच किसी टीम की दिशा मोड़ देता है। उम्मीद है भारतीय टीम यह कर दिखाएगी।