मुंबई. केंद्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि महाराष्ट्र में अब तक कपास उत्पादक किसानों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और तेलंगाना में बहुत से किसानों ने आत्महत्या की है। लेकिन इनमें से कोई भी कपास उत्पादक किसान नहीं है। किसी किसान ने कपास का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिलने से आत्महत्या की हो, ऐसी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। मंगलवार को मुंबई में टेक्नोटेक्स- 2015 प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया था। प्रदर्शनी के उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कपास उत्पादन करने वाले राज्यों पर केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्रालय बारीकी से नजर रखे हुए है।
कपास निर्यात चुनौती
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत से सबसे ज्यादा कपास चीन खरीदता था लेकिन फिलहाल चीन ने अपनी नीति में बदलाव किया है। इसलिए सरकार के सामने कपास निर्यात की चुनौती है। सरकार इस परिस्थिति से निपटने में सक्षम है।
बिजली उपलब्ध कराना राज्य की जिम्मेदारी
उन्होंने कहा कि पावरलूम को पर्याप्त बिजली मुहैया कराना राज्यों की जिम्मेदारी है। देश भर के कई राज्यों से बिजली न मिलने की शिकायतें मिली हैं लेकिन इस पर राज्य सरकारों को ध्यान देना चाहिए।
विशेष पैकेज नहीं
उन्होंने साफ किया कि फिलहाल टेक्साइल उद्योग के लिए महाराष्ट्र को विशेष पैकेज देने की योजना केंद्र सरकार की नहीं है। क्योंकि टफ्फ और अन्य योजनाओं के माध्यम से राज्य को पहले ही सब्सिडी दी जा रही है।
रोजगार की संभावनाएं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में कृषि के बाद कपड़ा उद्योग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। भारत में बनाया जाने वाला कपड़ा गुणवत्तापूर्ण है। इस क्षेत्र को विकसित करने की आवश्यकता है। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती चीन की है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 13 टेक्सटाइल्स पार्क की घोषणा की है। आने वाले दिनों में और 15 टेक्सटाइल्स पार्क की घोषणा की जाएगी।